साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर. महाराष्ट्र माले गांव धमाके की मुख्य आरोपी हैं. बीमारी की वजह से जमानत पर बाहर हैं. बाहर आते ही 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा. कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को हराकर जीत हासिल की. भोपाल की सांसद बनीं. सांसद बनते ही इन्होंने जो पहला काम किया वो था बयान देना. ऐसे-ऐसे बयान दिए कि प्रधानमंत्री उन्हें आज तक दिल से माफ़ नहीं कर पाए हैं. यही वजह है कि अब उन्हें एक अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है.

 साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, फोटो सोर्स: गूगल

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, फोटो सोर्स: गूगल

जिम्मेदारी के बारे में जान लें!

रक्षा मंत्रालय के अंदर एक समिति आती है. रक्षा मंत्रालय सलाहकार समिति. यह समिति देश की रक्षा से जुड़े अहम फैसले लेती है. इसी के मुखिया हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह. अब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी इस समिति की सदस्य बननें जा रही हैं . यह भारत के इतिहास में पहली बार होगा, जब देश के लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली नेता, देश की रक्षा से जुड़े अहम फैसले लेगी. इसी को कहते हैं ‘मोदी है तो मुमकिन है’.

सध्वी प्रज्ञा के अलावा 21 और लोगों को इस समिति में शामिल किया गया है. जिसमें कई विपक्षी नेता भी शामिल हैं. जिनमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व-मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और एनसीपी प्रमुख शरद पवार प्रमुख हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साध्वी प्रज्ञा, फोटो सोर्स: गूगल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साध्वी प्रज्ञा, फोटो सोर्स: गूगल

चलिए अब एक नज़र साध्वी प्रज्ञा के विवादों पर डालते हैं

  • अरूण जेटली की मृत्यु के वक्त इन्होंने कहा था कि, विपक्ष भाजपा नेताओं पर मारक शक्ति का प्रयोग कर रहा है. इसको लेकर बवाल भी हुए और मज़ाक भी बनें.
  • इन्होंने एक बार बयान दिया था कि मैं नाली और शौचालय साफ करने के लिए सांसद नहीं बनी हूँ. जिसके बाद इनकी तो फजीहत हुई ही, साथ ही स्वच्छ भारत अभियान की लंबरदार बनी भाजपा को भी इसको लेकर सफाई देनी पड़ी.
  • इसके अलावा साध्वी ने एक ऐसा बयान दे दिया था. जिसे लेकर खुद प्रधानमंत्री ने उन्हें आज तक दिल से माफ नहीं किया है. दरअसल, उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहा था. जिसके बाद पार्टी ने उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही थी. हालांकि, साध्वी के माफी मांग लेने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था.

वहीं अब साध्वी प्रज्ञा के रक्षामंत्रालय की समिति में शामिल होने को लेकर भी कयास लगाया जा रहा है कि इसको लेकर भी बवाल मचना तय है. हालांकि, इस बवाल का भी वही होना तय है जो साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बाकी बवालों के साथ हुआ है. सब ठंडे बस्ते में चला जाएगा. मोदी जी सब कुछ दिल में रख लेंगे और कहेंगे सब चंगा सी.

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