परिवार के सदस्यों में किसी न किसी बात के लेकर अनबन आम बात है. परिवार का एक सदस्य अपने काम से हर सदस्य को खुश नहीं कर सकता है, क्योंकी हर इंसान के काम करने का अपना अंदाज होता है. कोई आपके काम से खुश होता है और कोई नहीं. पर अगर परिवार के उसी सदस्य को कोई सम्मान मिलता है तो उससे सारा परिवार खुश होता है, क्योंकी वो सम्मान उसके अकेले का सम्मान नहीं होता बल्कि पुरे परिवार का सम्मान होता है और उसके सम्मान में पुरे परिवार की भागीदारी होती है.

फोटो सोर्स गूगल

एक ऐसा हीं सम्मान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला है. जो पुरे देश के लिए गर्व की बात है, रूस ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टलसे सम्मानित किया है. जो पुरे देश के लिए गर्व की बात है. इसी के साथ रुस का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पाने वाले मोदी पहले भारतीय व्यक्ति बन गए हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है. यह सम्मान पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नुरसुल्तान नजरवायेव तथा अजरबैजान के राष्ट्रपति ग्येदार एलियेव को प्रदान किया जा चुका है. रूस के अनुसार पीएम मोदी को रूस और भारत के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने में असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। इसकी जानकारी 12 अप्रैल को रूसी राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दी गई.

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस की ओर से सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने पर रुस के प्रति आभार व्यक्त किया है. उन्होंने रूस की जनता और राष्ट्रपति पुतिन को शुक्रिया कहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस गरिमापूर्ण पुरस्कार के लिए शुक्रिया. मैं राष्ट्रपित पुतिन और रूस की जनता का आभार व्यक्त करता हूं. रूस और भारत की दोस्ती की नींव बहुत गहरी है. हमारी साझेदारी का भविष्य बहुत उज्ज्वल है. दोनों राष्ट्रों के बीच सहयोग हमारे नागरिकों के लिए अप्रत्याशित परिणाम लेकर आएगा.

क्या हैं ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ पुरस्कार?

SAINT ANDREW जिनके नाम पर इस पुरस्कार की शुरुआत हुई वे ईसा मसीह के चार सबसे करीबी शिष्यों में से एक थे. इसे 17वीं सदी के अंत में जार पीटर प्रथम ने एपोस्टल एंड्रयू के सम्मान में शुरू किया था. 1917 में रूसी क्रांति के बाद इस पुरस्कार को समाप्त कर दिया गया था. उस समय तक दुनिया भर के एक हज़ार लोगों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका था. ‘ऑर्डर ऑफ़ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जिसे उल्लेखनीय काम करने वाले रूसी नागरिकों और देश-विदेश के प्रमुख नेताओं को दिया जाता है. जुलाई 1998 में रूसी राष्‍ट्रपति बोरिस येल्‍तसिन ने इसे दोबारा शुरू किया. जिसके बाद से अब तक सौ लोगो को ये पुरस्कार मिल चुका है.

पांच साल के कार्यकाल में मोदी का ये पांचवां अंतराष्ट्रीय पुरस्कार-

इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात यानि यूएई ने भी मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ज़ायेद मेडल से सम्मानित किया है.

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अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाह्यान ने ट्वीट कर कहा, “भारत के साथ हमारी ऐतिहासिक और व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसके पीछे मेरे परम मित्र नरेंद्र मोदी का बहुत योगदान है, जिन्होंने इन रिश्तों को और मज़बूत किया है.

  • 2016 में अफगानिस्तान ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान अमानुल्लाह खान पुरस्कार से मोदी को नवाजा था.
  • 2018 में फिलिस्तीन ने ग्रैंड कॉलर ऑफ द गेस्ट ऑफ फिलिस्तीनसे पुरस्कार से नरेंद्र मोदी को नवाजा था.
  • 2018 में ही दक्षिण कोरिया ने भी अंतराष्ट्रीय सहयोग के लिए सियोल शांती पुरस्कार से सम्मानित किया था
  • 2018 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी उन्हें अपना सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार चैंपियंस ऑफ अर्थ द अवार्ड से पुरस्कृत किया था

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