कांग्रेस के राहुल गांधी ने अब JEE NEET EXAM को लेकर ऑनलाइन आंदोलन छेड़ दिया है। राहुल गांधी ने इसकी जानकारी ट्विटर पर एक वीडियो के माध्यम से दिया है। साथ ही उन्होंने लिखा है,

लाखों परेशान छात्रों के साथ अपनी आवाज़ जोड़िए। #SpeakUpForStudentSafety आज 10 बजे से। आइए, सरकार से छात्रों की बात सुनने की माँग करें।

ट्वीट देखिए:

कोरोना काल में JEE-NEET परीक्षा पर बवाल जारी है। कई जगह छात्रों ने इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया। इसको लेकर कांग्रेस आज पूरे देश में प्रदर्शन करेगी। उधर राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने स्टूडेंट्स की तुलना द्रौपदी और मुख्यमंत्रियों की भगवान कृष्ण से की है। साथ ही अपने आपको विदुर बताया है। और जैसा कि हमने बताया कि राहुल गांधी ने इसे लेकर ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। उन्होंने ट्विटर के माध्यम से लोगों से जुड़ने की अपील की। कुल मिलाकर एग्जाम को लेकर एक सियासी तना-तनी शुरू हो गई है। हालांकि सवाल अब भी अटका पड़ा है कि क्या कोरोना काल में इस तरह से एग्जाम करवाना कहां तक सही है। अब इसको लेकर भी नेताओं के बयान लगातार सामने आ रहे हैं।

अभी हालिया बयान देश के शिक्षा मंत्री का आया है। उन्होंने  चीन में होने वाले नैशनल कॉलेज प्रवेश परीक्षा Gaokao Exam और जर्मनी में उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा Abitur का हवाला दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि इन देशों में कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवेश परीक्षाएं आयोजित हुई हैं।

यानी भारत की जो सिच्वेशन है उसको चीन के साथ कंपेयर किया जा रहा है। जबकि ये नहीं देखा जा रहा है कि चीन ने कोरोना पर लगभग काबू सा भी पा लिया है, वही भारत में रोजाना 75 हजार-80 हजार के लगभग में केसेज सामने आ रहे हैं।

खैर इस वक्त जो हालिया स्थिति है, उसके अनुसार एक खेमा परीक्षा के खिलाफ है तो दूसरा इसके पक्ष में। एक ओर जहां देश के 7 गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सितंबर में परीक्षाएं कराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। वहीं, दूसरी ओर देश-विदेश के 150 से ज्यादा शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर अपील की है कि परीक्षाएं रोक दी जाएं। वहीं 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुप्रीम कोर्ट के 17 अगस्त के फैसले पर रिव्यू पिटिशन फाइल की है। इसमें पश्चिम बंगाल, झारखंड. राजस्थान, छत्तीसगढ़ पंजाब और महाराष्ट्र शामिल हैं।

कुल मिलाकर फिलहाल के लिए इस खबर में इतना ही, बने रहिए द कच्चा चिट्ठा के साथ। साथ ही आपकी क्या राय है इस खबर को लेकर हमें कंमेंट सेक्शन में जरूर बताइए।