देश भर में CAB (Citizenship Amendment Bill) को लेकर हंगामा जारी है. असम में कश्मीर जैसे हालात हो रखे हैं. बोले तो कर्फ्यू लग चुका है, सेना उतर चुकी है, इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद हैं. वहीं राहुल गांधी ने एक बयान दिया है, जिसको लेकर संसद में हंगामा हो रहा है. राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा जा रहा है.

वजह नागरिकता संशोधन बिल नहीं है. उनके द्वारा रेप पर दिया गया बयान है. वैसे भी संसद के सांसद कब तक CAB को लेकर चिल्लाते रहते तो राहुल गांधी ने उन्हें एक नया मसाला दे दिया है, अनजाने में.

राहुल गांधी, फोटो सोर्स: गूगल

राहुल गांधी, फोटो सोर्स: गूगल

देश भर में बढ़ते रेप की घटनाओं को लेकर राहुल गांधी ने झारखंड के गोड्डा की रैली में अपना गुस्सा निकाला था. कहा था मोदी जी का मेक इन इंडिया, रेप इन इंडिया में बदल गया. अब मोदी जी पर उंगली उठाई जाए और बवाल न मचे? ऐसा हो नहीं सकता. इसी के चलते संसद में राहुल गांधी से कहा गया कि वो माफी मांगे.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने तो यहां तक कह दिया कि

यह इतिहास में पहली बार है कि कोई नेता कह रहा है कि भारतीय महिलाओं का बलात्कार होना चाहिए. क्या राहुल गांधी का  देश के लोगों के लिए यही संदेश है? राहुल गांधी का बयान बेहद शर्मनाक है उन्हें इनके बयान के लिए सज़ा मिलनी चाहिए.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, फोटो सोर्स: गूगल

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, फोटो सोर्स: गूगल

राहुल गांधी का पूरा बयान जान लीजिए

उन्होंने झारखंड में रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि

नरेंद्र मोदी ने कहा था मेक इन इंडिया लेकिन, यहां जिधर भी देखो रेप इन इंडिया है. झारखंड में महिला का रेप हो गया, उत्तर प्रदेश में भाजपा के MLA ने ही महिला का रेप किया. लेकिन, मोदी जी एक शब्द नहीं बोले. मोदी जी कहते हैं, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ. उन्होंने यह नहीं बताया कि किससे बचाना है. भाजपा के विधायकों से बचाना है.

राहुल गांधी ने क्या गलत बोला? मोदी सरकार महिला सुरक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था के मोर्चे तक पर फेल नज़र आती है. देश भर में महिलाओं के खिलाफ बलात्कार की घटनाओं में तेज़ी से इज़ाफा हो रहा है. देश की अर्थव्यवस्था खड्डे में जा रही है. मेक इन इंडिया का क्या हुआ? सारी भारतीय कंपनियां बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं. भारतीय एयरटेल ने तो खुद को बेचने के लिए सरकार के पास अर्जी तक लगा दी है. भारतीय पेट्रोलियम और एयर इंडिया को तो खुद सरकार बेचने जा रही है. रेलवे का भी निजीकरण करने की तैयारी ज़ोरों पर है. हो सकता है राहुल गांधी के कहने का तरीका गलत हो. वैसे भी उन्हें विपक्ष में रहने की आदत नहीं इसलिए गुस्से में इधर-उधर निकल जाते हैं.