आज़ादी के बाद देश के सबसे पुराने मामलों में से एक, अयोध्या मामला। जिसकी आजकल रोज़ सुनवाई चल रही है। क्योंकि, मध्यस्था पैनल के ज़रिए मामला नहीं सुलझ पाया। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला किया कि अब से रोज़ इसकी सुनवाई चलेगी। बीते शुक्रवार 9 अगस्त को सुनवाई में कोर्ट द्वारा एक पक्ष से एक दिलचस्प सवाल पूछा गया है।

सवाल और उसके जवाब केे कितने दावेदार?

इस मामले में 3 पक्ष हैं- निर्मोही अखाड़ा, रामलला विराजमान और सुन्नी वक्फ बोर्ड। सभी के वकील अपने-अपने तरीके से अपने पक्ष की दावेदारी और बातें रख रहे हैं। सुनवाई के दौरान रंजन गोगोई, एसए बोबड़े, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एसए नज़ीर वाली पांच जजों की बेंच ने रामलला विराजमान पक्ष से ये सवाल किया कि,

“हम बस ये जानना चाह रहे हैं कि ‘रघुवंश’ की पीढ़ी का कोई व्यक्ति अभी भी अयोध्या में रह रहा है?”

इस पर रामलला विराजमान पक्ष के वकील के पारासरन ने जवाब दिया कि,

“इस बारे में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है लेकिन, हम पता करने का प्रयास करेंगे”

वकील ने तो कोर्ट के अंदर ये जवाब दे दिया लेकिन, इसके बाद कुछ लोगों का तांता लग गया, अपनी दावेदारी पेश करने का। खुद को भगवान राम के वंशज बताने का, क्योंकि बात भगवान राम की हो या उनके वंशज होने की। लोगों का कूदना स्वाभाविक था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स; इंटरनेट

ताज्जुब तो तब होता जब इस मुद्दे को शुरू से पकड़ कर रखने वाली बीजेपी की इस पर कोई प्रतिक्रीया या दावा न आता। लेकिन थैंक गॉड, बीजेपी से दावा आना शुरू हो गया है। इन दावा करने वाले लोगों में ऐसे लोग हैं, जो या तो खुद को या अपने खानदान को भगवान राम का वंशज बता रहे हैं।

इन दावा करने वालों में राजसमंद से भाजपा सांसद और जयपुर की पूर्व राजकुमारी दिव्या कुमारी शामिल हैं। जिन्होंने ये दावा ठोंक दिया है कि वो और उनके परिजन भगवान राम के वंशज हैं। न सिर्फ दांवा बल्कि दिव्या कुमारी ने ये भी कहा कि वे कोर्ट में ये साबित करेंगी कि वे भगवान राम के खानदान से ताल्लुक रखती हैं। दिव्या कुमारी ने कहा कि,

“मेरे पापा भगवान राम की 309वीं पीढ़ी थे। हमारे पास ये साक्ष्य हैं, जिससे साबित होता है कि हम राम के बेटे कुश के वंशज हैं। इसी वजह से हम कुशवाहा या कछवा समूह से ताल्लुक रखते हैं”

फिर इन्होंने आगे कहा,

“अगर सुप्रीम कोर्ट कहे तो अदालत में हम ये साक्ष्य पेश कर सकते हैं। हम चाहते हैं कि राम मंदिर जल्द से जल्द बने और इसके लिए कोर्ट को जितने दस्तावेज़ देखने होंगे, हम उतने दस्तावेज़ सामने रखेंगे”

इतनी दमदार दावेदारी के बाद बीजेपी की सांसद दिव्या कुमारी अभी अपनी दावेदारी पुख्ता कर ही रही थी कि कांग्रेस की तरफ से भी दावेदारी आ गई और ये मामला भगवान राम के वंशज के एक सवाल से बीजेपी V/S कांग्रेस हो गया। जो कि होना ही था।

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कांग्रेस नेता सत्येंद्र सिंह राघव और बीजेपी की सांसद दिव्या कुमारी, फोटो सोर्स; गूगल

असल में राजस्थान के कांग्रेस नेता सत्येन्द्र सिंह राघव ने दिव्या कुमारी की दावेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान राम के असली खानदानी तो राघव राजपूत हैं। जिसके हवाले में सत्येन्द्र सिंह ने बाक़ायदा वाल्मीकि रामायण का उदाहरण भी दिया। सत्येन्द्र सिंह ने राम-सीता के बेटे लव और कुश के सन्दर्भ से कहा कि राजा लव से राघव राजपूत पैदा हुए इसलिए राघव राजपूत ही राम के असल वंशज हैं, कुशवाहा नहीं।

मुस्लिम परिवार ने भी ठोक रखा है दावा

असली बात तो ये है कि चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस, दोनों ही अपना-अपना दावा ठोकने में पूरे 2 साल लेट हो गए। क्योंकि 2017 में ही हरियाणा के एक खानदानी परिवार ने इस पर अपना दांवा ठोक दिया था और ये परिवार कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तान के फास्ट बॉलर हसन अली से जिस भारतीय लड़की की शादी होने वाली है, उन्हीं का परिवार है।

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पाकिस्तानी गेंदबाज़ हसन अली और हरियाणा की शामिया, फोटो सोर्स; इंडिया टीवी

हरियाणा की रहने वाली हैं शामिया आरज़ू, जिनके साथ हसन अली की शादी होनी हैं। असल में शामिया के पापा लियाक़त अली ने साल 2017 में ही दांवा कर दिया था कि वे भगवान राम के असल वंशज हैं।

हरियाणा के मेवात में जहां मुस्लिमों की आबादी ठीक-ठाक है। लियाक़त अली ने मेवाड़ क्षेत्र के मुसलमानों के बारे में कहा था कि दहंगल गोत्र से ताल्लुक रखने वाले मुसलमान ही असल में रघुवंशी हैं। जिस पर तब काफी बवाल खड़ा हो गया था।

आख़िर में…

इन सभी का दावा और इन जैसे सभी दांवा ठोकने वालों के दावे कितने सच्चे और कितने खोखलें हैं, ये तो नहीं पता। लेकिन इतना ज़रूर कहा जा सकता है कि कुछ कागज़ों और रामायण के कुछ संस्करणों के अलावा शायद ही किसी के पास इस बात का सबूत हो कि वह या उसका खानदान भगवान राम के वंशज हैं।

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डीएनए की प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स; न्यू साइंटिस्ट

अगर इस साइन्स और टेक्नोलॉजी के जमाने में डीएनए मिलान की बात भी सोची जाएं, तो इसका जवाब कौन देगा कि भगवान राम का डीएनए क्या था और इसे मैच करने के लिए कहां से लाया जाएगा? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो हर दावेदार को अपनी दावेदारी साबित करने के वक़्त काफी दिक़्क़त दे सकते हैं।