वास्तविक सीमा रेखा यानि कि LAC पर जिस तरह से खबरें आ रही थी, उसकी जायजा लेने के लिए अब खुद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुंच गए हैं। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने भी थे। सबने एक साथ ही पूरे इलाके का जायजा लिया।  एलएसी पर सुरक्षा हालात का जायजा भी लिया। लद्दाख पहुंचे रक्षा मंत्री ने लुकुंग चौकी पर जाकर भारतीय सेना के जवानों एवं अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी ने हमारे स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने की कोशिश की तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

हालांकि राजनाथ सिंह का वहां जाने का मकसद सिर्फ इतना ही है कि जिस तरह से दोनों देशों के बीच सीमा पर माहौल है, उसका बातचीत के जरीए समाधान करना है। लेकिन, जब उनसे ये पूछा गया कि आखिर बातचीत से इस मसले का समाधान होने की कितनी आशा है? तो उन्होंने कहा कि,

दोनों देशों के बीच मसले को सुलझाने के लिए बातचीत हो रही है, लेकिन बातचीत से कितना हल निकलेगा, अभी कह नहीं सकते। 

15 जून को सीमा पर हुई झड़प के ठीक एक महीने बाद राजनाथ सिंह लद्दाख का दौरा कर रहे हैं। यहां जवानों से बातचीत के दौरान उन्होंने बहुत ही अहम बातें बताई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि

‘अभी तक जो बातचीत हुई है, मसला सुलझ जाना चाहिए….लेकिन मसला कहां तक सुलझेगा, मैं इसकी गारंटी नहीं दे सकता। हालांकि, मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारी जमीन का एक इंच भी दुनिया की कोई शक्ति नहीं ले सकती है।’ 

राजनाथ सिंह ने कहा कि हम शांति चाहने वालों में से हैं, अशांति चाहने वालों में नहीं। भारत ने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है। हमारे जवानों ने देशवासियों के सम्मान की रक्षा की। हम सीमा पर दुश्मनों की किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

लेह में रक्षा मंत्री ने मशीन गल चलाकर चालबाज चीन को चेतावनी दी। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लेह पहुंकर चीन को मुंहतो़ड़ जवाब देने वाले जवानों की पीठ थपथपा चुके हैं। राजनाथ सिंह पूर्वी लद्दाख के गलवन में चीनी सैनिकों से हुई खूनी झड़प में घायल हुए जवानों से मुलाकात करेंगे।

इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने सीमा पर जवानों के साथ फायरिंग भी की। लेकिन, इस पूरे दौरे का एकमात्र मकसद है कि दोनों देशों के बीच शांति की एक मिसाल कायम हो। इस दौरे के बाद इतना जरुर है कि सीमा पर तैनात जवानों का हौसला जरुर बढ़ेगा। लेह में भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में पैरा ड्रापिंग अभ्यास किया। जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्री लेह स्थित उत्तरी कमान की 14 कोर के मुख्यालय में सेना अधिकारियों से बैठक कर पूर्वी लद्दाख के मौजूदा हालात पर चर्चा करेंगे। एलएसी पर तैनात जवानों से भी मिलेंगे।