‘रमज़ान’ को नेकियों का ‘मौसम-ए-बहार’ कहा गया हैं. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार रमज़ान का महीना, अल्लाह-पाक की नेमतों, कुदरतों, और रहमतों का महीना हैं. इस्लामिक कैलेंडर जिसे ‘हिजरी’ कैलेंडर भी कहते हैं, यह चाँद के अनुसार चलता है. इस्लामिक कैलेंडर में रमज़ान 9वां महीना होता है. इस महीने में इस्लाम धर्म को मानने वाले, इस्लाम में फर्ज़ 5 चीज़ों में से तीन चीजों को बहुत कसरत से करते हैं.

जैसे- रोज़ा रखना, 5 वक़्त की नमाज़ पढ़ना और ज़कात यानी अपनी कमाई और माल का ढ़ाई फीसदी गरीबों, लाचारों और जरूरतमंदो को देना.

इस महीने की शुरुआत भी इस्लाम धर्म मे मनाए जाने वाले सभी त्यौहारों की तरह चाँद दिखने पर होती है. इस्लाम धर्म के अनुसार मानना है कि इस महीने में हर नेकी का 70 गुना सवाब मिलता हैं, जबकि बाकी महीनों में एक नेकी का सिर्फ एक सवाब है.

हर साल 10 दिन का फर्क!

चाँद के हिसाब से चलने वाले ‘हिजरी’ कैलेंडर में हर महीना 29 और 30 दिन का होता है. इस तरह हर साल 10 दिन कम हो जाते हैं. मसलन अगर किसी साल में रमज़ान का महीना 5 जून से शुरू होता हैं, तो उसके अगले साल मे 25 या 26 मई से शुरू होने की ज़्यादा संभावनाएं होती हैं. संभावनाएं इसलिए, क्योंकि अगर चाँद नहीं दिखा तो यह अनुमान आगे-पीछे भी हो सकता है.

क्या है इतिहास?

दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम, मौलाना डॉ मुफ़्ती मुकर्रम अहमद बताते है कि इस्लामिक कैलेंडर हिजरी के मुताबिक सन 2 हिजरी में अल्लाह के हुक्म से मुसलमानों पर रोज़े रखना फर्ज़ किया गया है. इसी महीने में शब-ए-क़दर की मुबारक रात में अल्लाह ने पवित्र कुरान को नाज़िल फरमाया. तभी से मुसलमान हर साल रोज़े रखते आ रहे हैं.

रमज़ान में सहरी, इफ्तार और तरावीह

इस पाक महीने में रोज़ेदारों के लिए जो एक सबसे बड़ी सहूलत रखी गई है, उसका नाम ‘सहरी’ हैं. सहरी में मुस्लिम लोग सुबह सूरज उगने से लगभग डेढ़ घंटे पहले उठ कर सहरी के रूप में थोड़ा सा हल्का-फुल्का खाना खाते हैं. हालांकि, यह फर्ज़ नहीं है, फिर भी कहते है कि ‘किसी के पास कुछ भी न हो, तो भी कम से कम एक खज़ूर और एक गिलास पानी ज़रूर पी ले.’
अब बात करते है उस चीज़ की, जिसका इंतज़ार हर रोज़ेदार बड़ी हसरत से पूरे दिन भूखे रहने पर करता हैं. धूप की तपिश में पूरे दिन बगैर कुछ खाए-पिए रोज़े रखने वाला रोज़ेदार मग़रिब की अज़ान के साथ अपना रोज़ा तोड़ता है और
अल्लाह का शुक्र अदा करता है. इसी को इफ्तार कहते हैं. रमज़ान में जो एक और चीज़ जो अमूमन हर मुसलमान करता हैं, वह है तरावीह की नमाज़ पढ़ना. यह नमाज़ रात के आखिरी फर्ज़ की नमाज़ ईशा के बाद पढ़ी जाती है. इस नमाज़ की दूसरी नमाजों से अलग खासियत यह है कि, यह 20 रिकातों मे अदा की जाती हैं. सभी 20 रिकातों में पूरी कुरान पढ़ी जाती है, जो अलग-अलग जगहों पर अपनी सहूलतों के हिसाब से 6 दिन से 28 दिन मे पूरी की जाती हैं.

यह लोग न रखे रोज़े

रमज़ान के रोज़े वैसे तो हर मुसलमान पर फर्ज़ हैं, लेकिन कुछ लोगो को एहतियात के साथ छूट भी मिली है. जैसे कि अगर कोई मुस्लिम महिला इस दौरान प्रेग्नेंट हो, तो वो रोज़े न रखे. क्योंकि इससे माँ और बच्चे को नुकसान हो
सकता हैं. साथ ही, अगर कोई ऐसी महिला हो, जिसका बच्चा अभी भी माँ का दूध पीता हो, उसे भी रोज़ा रखने से छूट है. इसी तरह मुसाफ़िर और बहुत बुज़ुर्ग, जिनकी सेहत को रोज़े से नुकसान हो सकता हो, उन्हें छूट है. किसी मुस्लिम को अगर डॉक्टर ने बीमारी की वज़ह से रोज़े न रखने को कहा हो, जिससे उसकी बीमारी बढ़ने का खतरा हो. ऐसे लोगों को भी रोज़े से छूट दी गई हैं.

इस बार का रमज़ान ऐसा होगा?

जामा मस्जिद कमेटी के सचिव, नसीम अहमद के मुताबिक इस बार कुल 4 जुमे आएंगे। पहला जुमा 10 मई, दूसरा 17 मई, तीसरा 24 मई और अलविदा जुमा 31 मई को होगा। अलविदा जुमा का 26वां रोजा 934 मिनट (15 घंटे 57 मिनट लगभग) का होगा। इस साल 2019 में रमज़ान का महीना 6 या 7 मई से शुरू होने की पूरी उम्मीद है, बाकी चाँद पर निर्भर करता हैं.

यह है दिल्ली का ‘रमज़ान टाइम टेबल’

RAMADAN CALENDAR 2019 – NEW DELHI

1- Mon 06 May 04:10 AM 7:00 PM
2- Tue 07 May 04:09 AM 7:01 PM
3- Wed 08 May 04:08 AM 7:01 PM
4- Thu 09 May 04:07 AM 7:02 PM
5- Fri 10 May 04:06 AM 7:03 PM
6- Sat 11 May 04:05 AM 7:03 PM
7- Sun 12 May 04:04 AM 7:04 PM
8- Mon 13 May 04:03 AM 7:04 PM
9- Tue 14 May 04:02 AM 7:05 PM
10- Wed 15 May 04:01 AM 7:06 PM
11- Thu 16 May 04:00 AM 7:06 PM
12- Fri 17 May 04:00 AM 7:07 PM
13- Sat 18 May 03:59 AM 7:07 PM
14- Sun 19 May 03:58 AM 7:08 PM
15- Mon 20 May 03:57 AM 7:09 PM
16- Tue 21 May 03:57 AM 7:09 PM
17- Wed 22 May 03:56 AM 7:10 PM
18- Thu 23 May 03:55 AM 7:10 PM
19- Fri 24 May 03:55 AM 7:11 PM
20- Sat 25 May 03:54 AM 7:11 PM
21- Sun 26 May 03:53 AM 7:12 PM
22- Mon 27 May 03:53 AM 7:13 PM
23- Tue 28 May 03:52 AM 7:13 PM
24- Wed 29 May 03:52 AM 7:14 PM
25- Thu 30 May 03:51 AM 7:14 PM
26- Fri 31 May 03:51 AM 7:15 PM
27- Sat 01 June 03:51 AM 7:15 PM
28- Sun 02 June 03:50 AM 7:16 PM
29- Mon 03 June 03:50 AM 7:16 PM
30- Tue 04 June 03:49 AM 7:17 PM

(नोट: सुबह दिया हुआ टाइम (AM) सहरी और शाम का वक़्त (PM) इफ़्तार का है.)

रमज़ान का असली मक़सद?

रोज़े रखने का असली मक़सद, ‘एक अच्छा इंसान बनने व अपने आस-पास के समाज और दुनिया में बढ़-चढ़ कर ज़रूरतमंदों, गरीबों व बे-सहारों के लिए खुद को तैयार करना है, भूखों की भूख और तकलीफ़ज़दा लोगों की तकलीफ महसूस करना हैं’

यह जानकारी कच्चा चिट्ठा के साथ इंटर्नशिप कर रहे अशरफ अली ने लिखी है