कहते हैं एक बार जो इंसान फ़ौजी बन जाता है, वो जीवन भर एक फ़ौजी बन कर ही ज़िंदगी जीता है. रिटायरमेंट के बाद जवान वर्दी तो छोड़ देता है, लेकिन वो वर्दी (अनुशासन,बहादुरी और देशसेवा) उसे कभी नहीं छोड़ती है. एक सैनिक को अपने विभाग और अपने देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत जितनी नौकरी के दौरान होती है उतनी ही रिटायरमेंट के बाद भी रहती है. हाल में ही एक रिटायर्ड वायुसेना सैनिक की ख़बर सामने आई है. जो लोगों को अपने देश और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित कर रही है.

भारतीय वायुसेना, फोटो सोर्स : गूगल

वायुसेना से रिटायर्ड 74 साल का एक जवान जो अपने विभाग और देश को कुछ देना चाहता था. उसने अपनी ज़िंदगी भर की जमा पूंजी ही रक्षा मंत्रालय को दान कर दी. सबसे दिलचस्प बात ये है कि जवान ने सिर्फ 9 साल तक वायुसेना को अपनी सेवाएं देने के बाद रिटायरमेंट ले लिया था और अब रिटायरमेंट के 45 साल बाद रक्षा मंत्रालय को 1.08 करोड़ रुपये दान कर दिए.

74 साल के वायुसेना से रिटायर्ड सीबीआर प्रसाद ने बीते सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात कर उनको 1 करोड़ 8 लाख रुपये का चेक सौंपा. इसी दौरान सीबीआर प्रसाद ने कहा कि,

मैंने ज़िंदगी भर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को बहुत अच्छे से निभाया. लेकिन फिर मुझे महसूस हुआ कि अब मुझे मेरे देश और समाज के लिए भी कुछ करना चाहिए. इसलिए मेंने ये फैसला किया. मैंने अपनी ज़िंदगी भर की कमाई प्रॉपर्टी का 2% अपनी बेटी और 1% अपनी पत्नी के नाम किया है. बाकी 97% हिस्से को मैंने देश और समाज सेवा में लगाने का फैसला किया है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को चेक सौंपते रिटायर्ड सीबीआर प्रसाद, फोटो सोर्स – गूगल

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए वायुसेना के रिटायर्ड जवान सीबीआर प्रसाद ने कहा,

9 साल नौकरी करने के बाद मैंने वायुसेना से रिटायरमेंट ले लिया था. इसके बाद मुझे इंडियन रेलवे की अच्छी नौकरी का ऑफर आया, लेकिन मैंने स्वीकार नहीं किया. फिर मैंने जीवनयापन के लिए पॉल्ट्री फॉर्म का बिजनेस शुरू किया, अच्छी बात ये रही कि इसमें मुझे बहुत कामयाबी मिली.

सीबीआर प्रसाद पिछले 30 सालों से समाज सेवा के कार्य में लगे हुये हैं. इसी दौरान उन्होंने एक स्पोर्ट्स युनिवर्सिटी भी खोली. युनिवर्सिटी खोलने की वज़ह बताते हुए सीबीआर प्रसाद ने कहा-

मैं अपने देश के लिए ओलंपिक मेडल जीतना चाहता था. लेकिन मेरा ये सपना कभी पूरा नहीं हो सका. इसी वजह से मैंने 100 एकड़ की जमीन पर एक स्पोर्ट्स युनिवर्सिटी खोली.

फोटो सोर्स – गूगल

मुलाक़ात के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीबीआर प्रसाद से पूछा कि उन्हें ये करने की प्रेरणा कहा से मिली, तो उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान घटी एक घटना का जिक्र करते हुये बताया कि, जब मैं वायुसेना कर्मी के रूप में विभाग में कार्यरत था तब कोयंबटूर में आयोजित एक कार्यक्रम मे जीडी नायडू चीफ गेस्ट बन कर आए थे. तब उन्होंने मुझसे कहा था कि हमारा भारत एक महान देश है. क्योंकि हमारी सोच अच्छी है. हमें सिखाया जाता है कि देश और समाज से हमें जितना मिलता है उतना हमें वापस भी करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब हम लोग रिटायर्ड होकर वापस जाएं तब पारिवारिक जिम्मेदारियां वहन करने के बाद देश और समाज की सेवा करनी चाहिए.

सीबीआर प्रसाद ने कहा कि अपने दायित्वों को पूरा करने के बाद मैंने सोचा कि मैंने रक्षा विभाग से जो कुछ पाया है मुझे वापस देना चाहिए इसलिए मैंने 1.08 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय को देने का फैसला किया है.

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