साध्वी प्रज्ञा हाल ही में भोपाल से बीजेपी की सांसद चुनी गई हैं। लेकिन उससे पहले मालेगांव धमाके की आरोपी हैं साध्वी प्रज्ञा। मुंबई के स्पेशल एनआईए कोर्ट ने इन्हें हर हफ्ते पेश होने का आदेश दिया है। इसी के तहत इन्हें 6 जून को कोर्ट में पेश होना था। लेकिन साध्वी कोर्ट के सामने पेश नहीं हुईं।

साध्वी प्रज्ञा, फोटो सोर्स: गूगल

वकील जेपी मिश्रा जो साध्वी प्रज्ञा का केस लड़ रहे हैं उन्होंने कोर्ट को बताया कि –

साध्वी प्रज्ञा 5 जून की शाम को अस्पताल में भर्ती थीं। स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वो कोर्ट में पेश नहीं हो पाईं। लेकिन 7 जून शुक्रवार को वो कोर्ट के सामने पेश हो जाएंगी।

एक तरफ तो साध्वी के वकील ने बताया कि उनकी तबीयत खराब थी और वो अस्पताल में भर्ती हुईं थी। लेकिन दूसरी तरफ अस्पताल में भर्ती होने से पहले और कोर्ट में पेश होने वाले दिन, वो लगातार पब्लिक आयोजनों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए नज़र आयीं। बुधवार को ईंद वाले दिन वो भोपाल के काजी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी के घर ईद की बधाई देने पहुंचीं थीं। इतनी पीड़ा में होने के बावजूद बधाई देने के लिए बाकायदा चेहरे पर मुस्कान और हाथ में मिठाई का डिब्बा लिए वो काजी के परिवारवालों से मिलीं।

Sadhvi Pragya
फोटो सोर्स – गूगल

उन्हें इस हाल में देख कर स्वर्गीय जगजीत सिंह जी की एक गज़ल याद आ गयी।

“आँखों में नमी हंसी लबो पर, क्या हाल है क्या दिखा रहे हो? 

तुम इतना क्यों मुस्कुरा रहे हो, क्या गम है जिसको छुपा रहे हो?”

अब ज़रा ऊपर वाले की नाइंसाफी देखिये जो साध्वी प्रज्ञा को कोर्ट पहुँचने ही नहीं देता और उन्हें किसी न किसी ज़िम्मेदारी के बंधन में बांध देता है। अब बताइये 6 जून, जिस दिन उन्हें कोर्ट के सामने पेश होना था उस दिन महारणा प्रताप की जयंती पड़ गयी। अब साध्वी प्रज्ञा कोर्ट कैसे जाती तो वो नहीं गयी और महाराणा प्रताप की मूर्ति पर हार चढ़ाने पहुँच गयी। बाद में साध्वी प्रज्ञा ने बयान दे कर बताया कि वो हार चढ़ाने डॉक्टर की सलाह ले कर गयी थीं। अब ये तो डॉक्टरों की गलती है जो उनको कोर्ट जाने की सलाह नहीं दी।

दरअसल महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास में हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। 17 मई को इसी मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के साथ बाकी आरोपियों को भी हर हफ्ते कम से कम एक बार कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया था। चुनाव में व्यस्त होने के कारण साध्वी ने कोर्ट में पेशी पर छूट भी मांगी थी जिस पर उन्हें छूट मिल भी गई थी। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोर्ट ने फिर से पेशी की याद दिलाई।

जिसके बाद वो 6 जून को कोर्ट के सामने पेश नहीं हुईं। अब मुमकिन है कि कोर्ट में पेशी के बाद जिस तरह से उन्होंने पब्लिक मीटिंग्स की हैं उससे साध्वी कोर्ट के बुलावे को लेकर कितना सीरियस हैं ये तो पता नहीं लेकिन वो लोगों का ख्याल रखती हैं। तभी वो कोर्ट से ज्यादा जन समारोहों को तवज्जो देती हैं।

Sadhvi Pragya
फोटो सोर्स- गूगल

वैसे इससे पहले साध्वी प्रज्ञा के व्हील चेयर पर बैठ कर चलने को लेकर भी विवाद हुए हैं। विपक्ष के लोगों के हिसाब से वो व्हील चेयर के बिना भी आराम से चल सकती हैं लेकिन वो दिखावा करने के लिए व्हील चेयर पर चलती हैं। जिसके बाद साध्वी की तरफ से बयान आया था कि वो पैदल तो चल सकती हैं, लेकिन पैदल चल कर न ही वो लंबी दूरी तय कर सकती है और न ही वो देर तक खड़ी रह सकती हैं।

ये बातें सुन कर पता चलता है कि साध्वी प्रज्ञा जी बहुत तकलीफ में हैं। उन्हें अपनी तबीयत पर ध्यान देना चाहिए ताकि सही वक़्त पर कोर्ट पहुँच पाये।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here