मोहम्मद बिन सलमान. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस हैं. पूरे सऊदी की भाग दौड़ उन्हीं के हाथ में हैं. सऊदी की गद्दी संभालते ही उन्होंने अपने पहले विदेशी दौरे के लिए पाकिस्तान को चुना था और इमरान खान से मिलने आ गए. दोनों के बीच 20 अरब डॉलर का समझौता भी हुआ था. इसके बाद से सऊदी अरब, चीन के बाद पाकिस्तान का सबसे बड़ा समर्थक नज़र आ रहा था. यही वजह थी कि मोहम्मद बिन सलमान के भारत दौरे को लेकर भी खूब बवाल हुआ था. हालांकि, अब स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है. पाकिस्तान और सऊदी के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, फोटो सोर्स: गूगल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, फोटो सोर्स: गूगल

वजह जान लीजिए

प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र में भाषण देने से पहले सऊदी गए थे. यहां से वो कमर्शियल फ्लाइट से संयुक्त राष्ट्र में भाषण देने न्यूयॉर्क जाने वाले थे. पर, सऊदी प्रिंस को यह नागवार गुजरा कि उनके मेहमान और सबसे करीबी दोस्त इमरान खान कमर्शियल फ्लाइट से जाए इसलिए उन्होंने पाकिस्तानी पीएम को अपना विशेष विमान प्रोवाइड कराया.

जब पाकिस्तान के पीएम इमरान खान संयुक्त राष्ट्र से भाषण देकर इसी फ्लाइट से पाकिस्तान लौट रहे थे. तभी सऊदी प्रिंस ने बीच रास्ते से अपने विमान को वापस अमेरिका बुला लिया. मीडिया में इसको लेकर ख़बर थी कि तकनीकी खराबी के चलते ऐसा किया गया है. हालांकि, पाकिस्तान के अख़बार फ्राइडे टाइम्स ने खुलासा किया है कि सऊदी प्रिंस की नाराज़गी के चलते, विमान को वापस बुलाया गया है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र में भाषण देते हुए, फोटो सोर्स: गूगल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र में भाषण देते हुए, फोटो सोर्स: गूगल

फ्राइडे टाइम्स ने इमरान खान की आलोचना की है

फ्राइडे टाइम्स ने पाकिस्तानी पीएम के सयुंक्त राष्ट्र में दिए भाषण की जमकर आलोचना की है. अख़बार में लिखा गया है कि,

हर हाल में इमरान खान के प्रशंसक बने रहने वालों ने न्यूयॉर्क से लौटने पर उनका विजेता या हीरो जैसा स्वागत किया. यहां तक कि इनकी तरफ से सुझाव यह भी आया कि जिस वाणिज्यिक विमान से इमरान जेद्दा (सऊदी) से इस्लामाबाद लौट रहे हैं, उसे इमरान के प्रति सम्मान जताने के लिए एफ-17 थंडर विमानों के घेरे में लाया जाना चाहिए.

इमरा खान ने संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में कश्मीर, इस्लामोफोबिया जैसे सभी मुद्दे उठाए थे. इस पर फ्राइडे टाइम्स ने कहा है कि,

इन समर्थकों को लगता है कि इमरान ने कश्मीर, इस्लामोफोबिया जैसे सभी खास मुद्दों पर धारदार तरीके से बात रखी. उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हॉल आधा खाली था और इमरान ने मान लिया था कि पाकिस्तान अलकायदा आतंकियों को प्रशिक्षित करता था. उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता कि भारत-पाकिस्तान संवाद की उम्मीद पहले से कहीं कम हो गई है और एक क्षेत्रीय मुद्दा इस्लामी पाकिस्तान और हिंदू भारत का मुद्दा बना दिया गया है.

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, फोटो सोर्स: गूगल
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, फोटो सोर्स: गूगल

सऊदी की नाराज़गी की वजह क्या है?

फ्राइडे टाइम्स के मुताबिक,

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान न्यूयॉर्क में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की कूटनीति के कुछ पहलुओं से इतने अलग हो गए कि उन्होंने अपने निजी विमान को वापस बुलाकर और उसमें से पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को निकलवा कर इमरान को तगड़ा झटका दिया है.

दरअसल संयुक्त राष्ट्र में इमरान खान ने तुर्की राष्ट्रपति एर्दोआन और मलेशियाई पीएम महातीर से मुलाकात की थी. तीनों नेताओं ने मुस्लिम समस्याओं पर बात की थी. साथ ही इस्लामोफोबिया से लड़ने की बात कही थी. इन्होंने इसके लिए एक टीवी चैनल खोलने का भी ऐलान किया था. इमरान खान ने खाड़ी के देशों के बीच शांति कायम करने के लिए ईरान के साथ मध्यस्थता की भी बात कही थी.

खुद को मुस्लिम दुनिया का संरक्षक कहने वाले सऊदी को यही बात नागवार गुजरी है. मोहम्मद बिन सलमान यह नहीं चाहते हैं कि इमरान खान इन दोनों नेताओं के साथ मिलकर इस्लामिक दुनिया का प्रतिनिधत्व करें और बिना उनकी मंजूरी के ईरान से बात करें.

दरअसल, ईरान और सऊदी के बीच भी काफी समय से विवाद चल रहा है. एक समय तो स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि सऊदी ने ईरान में आर्मी तक भेजने का मन बना लाया था.

पाकिस्तानी संसद भवन,फोटो सोर्स: गूगल
पाकिस्तानी संसद भवन,फोटो सोर्स: गूगल

पाकिस्तान ने इसे मानने से इनकार कर दिया है

पाकिस्तान सरकार के प्रवक्ता (spokesperson) ने फ्राइडे टाइम्स की रिपोर्ट को सिरे से खारिज़ कर दिया है. उनका कहना है कि,

सऊदी क्राउन प्रिंस की तरफ से इमरान के विमान को वापस अमेरिका बुलाने की ख़बर मनगढ़ंत है. पाकिस्तान और सऊदी अरब के शासकों के बीच बेहतरीन संबंध हैं. रिपोर्ट में प्रधानमंत्री की विश्व के नेताओं के साथ सफल बातचीत को कमज़ोर करने की कोशिश की गई है.

अभी तक सऊदी की तरफ से इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं है. पर जिस तरह से इमरान खान खुद को इस्लामिक देशों का प्रतिनिधि साबित करने पर लगे हुए हैं. ऐसे में पाकिस्तान और सऊदी के रिश्ते खराब होते हैं तो, इसमें चौकने जैसा कुछ नहीं है.

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