सीएनएन में छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों को वेस्टवाटर टेस्टिंग के जरिये कोविड-19 के जेनेटिक मैटेरियल्स (जिन्हें हम आरएनए भी कहते हैं) का पता चला है. दुनिया के सभी देश इस महामारी को फ़ैलाने से रोकने में लगे हुए हैं. हर कोई खोज और परिक्षण कर रहा है.

इस बीच वैज्ञानिकों के एक ग्रुप को सीवेज के वेस्टवाटर टेस्टिंग से कोविड 19 के आरएनए का पता चला जिससे छुपे हुए मामलों को बाहर निकाला जा सकेगा और बड़े स्तर पर इसे फैलने से रोका जा सकेगा. अमेरिकी टेलीविज़न चैनल से बात करते हुए, न्यू कैसल काउंटी के कार्यकारी मैट मेयर ने कहा कि यह डेटा इस बात की तस्वीर साफ़ करेगा कि कितने लोगों में यह वायरस ‘एसिम्पटोमैटिक’ रूप से मिला है और वो इसे दूसरों तक पहुंचा रहे हैं।

मेयर ने यह भी कहा कि उनके देश ने बिगोट, एक एमआईटी-आधारित स्टार्ट-अप के साथ वेस्टवाटर टेस्टिंग को लेकर करार किया है, ताकि कोविड-19 के जेनेटिक मैटेरियल्स का सही से पता चल सके. उन्होंने कहा कि न्यू कैसल काउंटी ने अपने पहले सप्ताह के परिक्षण को ख़त्म कर लिया है और परिणाम  इस सप्ताह के शुरुआत तक आ सकते हैं. 

मेयर ने बताया कि एक तो हम यह वेस्टवाटर टेस्टिंग कर ही रहे हैं, यदि हम इसे हफ्ते दर हफ्ते करते रहें तो इससे हमें देश भर में कोरोना के कुल मामलों की सटीक जानकारी मिल सकती है. यह बेहद लाभकारी रहेगा.

उन्होंने कहा, ” हम हॉटस्पॉट्स की पहचान करना चाहते हैं, हम इस टेस्टिंग को  560,000 लोगों की एक काउंटी में 10 अलग-अलग जगहों पर टेस्टिंग सेंटर्स बनाकर करेंगे और पता लगाएंगे कि आखिर ये हॉटस्पॉट्स कहाँ हैं और कहाँ नहीं. 

इन परीक्षणों की सफलता और असफलता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि संदेह तो हर काम में होता है. जरुरी है कि हम इमानदार रहें. विज्ञान जो कर रहा है वह बेहद शानदार है. इसकी तारीफ होनी चाहिए. लेकिन यह भी मानना जरुरी है कि हर तरफ अनिश्चितताएं हैं. लेकिन मुझे उम्मीद है कि यह काम करेगा.

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले डच बैज्ञानिकों ने भी वेस्टवाटर में कोरोना के वायरस के होने का पता लगाया था.

कोविड-19 के मरीजों के मल में अक्सर यह वायरस पाया जाता है. लेकिन इसकी संभावना न मात्र है कि सीवेज सिस्टम इस वायरस के ट्रांसमिशन का एक जरिया बनेगा.

नीदरलैंड के अमर्स्फोर्ट में पिछले महीने 5 मार्च को हीं वेस्टवाटर टेस्टिंग से सीवेज में वायरस के होने का पता चला था, जबकि उस वक़्त तक वहां एक भी एक्टिव केस रजिस्टर नहीं किया गया था.