कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में सबमिट कर दी है। इस रिपोर्ट में हिन्दू आतंकवाद का भी ज़िक्र किया गया है। रिपोर्ट में पूरे देश भर में चल रहे हिंदुत्ववादी संगठन का भी ज़िक्र किया गया है, जो हिन्दुत्व के नाम पर बम बनाने की ट्रेनिंग दे रहा था।

असल में कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सबमिट करते हुए एसआईटी ने ये दावा किया है कि मालेगांव बम धमाके से जुड़े हिंदुत्ववादी संगठन ‘अभिनव भारत’ पूरे देश भर में खुफिया ट्रेनिंग कैंप चलाता है। एसआईटी का दावा है कि यह संगठन अपने खुफिया ठिकानों पर लोगों को बम बनाने की ट्रेनिंग भी देता है।

हिन्दू समाज के पीड़ित और सभ्य लोग, फोटो सोर्स: गूगल

दरअसल इस रिपोर्ट को एसआईटी ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में दाखिल की है जिसमे ये खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस संगठन से जुड़े 4 सदस्य जो कि अब लापता हैं। ये लोग साल 2011 से 2016 तक देश के अलग-अलग हिस्सों में सनातन संस्था से संबन्धित कई संदिग्घ लोगों को खूफिया ठिकानों पर बम बनाने की ट्रेनिंग देते थे।

पत्रकार गौरी लंकेश, फोटो सोर्स: गूगल

रिपोर्ट का कहना है कि ये लोग 2006 से 2008 के बीच हुए समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट, मक्का मस्जिद ब्लास्ट, अजमेर दरगाह और मालेगांव जैसी घटनाओं से ताल्लुख रखते हैं। आज आलम ऐसा है कि साध्वी प्रज्ञा जो मालेगाँव मामले में आरोपी है जो भोपाल संसदीय सीट से भाजपा की तरफ से लोकसभा का चुनाव लड़ रही है। इतना ही नहीं आज भी हिन्दुत्व के नाम पर वह कुछ भी बयान देती हुई दिख जाती है।

मालेगांव मामले में 13 आरोपियों में से 2 आरोपी रामजी कलसंगरा और संदीप डांगे को घोषित अपराधी ठहराया जा चुका है। ये दोनों इसी हिन्दू संगठन के हैं जिसका नाम अभिनव भारत है। साध्वी प्रज्ञा भी इन 13 आरोपियों में से एक हैं।

दस्तावेज़ बताते हैं कि गौरी लंकेश की हत्या के मामले में सनातन संस्थाओं से जुड़े 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे मामले में 4 गवाह भी कार्यवाही में शामिल हुए हैं। रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि जिस ट्रेनिंग कैंप में बम बनाना सिखाया जा रहा था वहाँ 2 बाबा और चार गुरुजी मौजूद थे और उन्हीं के निरीक्षण में बम बनाना सिखाया जा रहा था।

असल में 2007 अजमेर दरगाह मामले में आरोपी जो गुजरात में सुरेश नायर के नाम से रह रहा था और अभिनव भारत का सदस्य है, जिसकी पहचान 2018 में गिरफ्तारी के बाद हुई। यही वो व्यक्ति है जो ट्रेनिंग कैंप में बाबाजी बन कर बम बनाना सीखा रहा था।

अब ये रिपोर्ट वो लोग ज़रूर पढ़े जो चुनाव में मुद्दों को छोड़ कर धर्म के नाम पर वोट देने की बात करते नज़र आते हैं। गौरी लंकेश एक पत्रकार थी। वैसे तो उनके धर्म को लेकर लिखना ठीक तो नहीं है लेकिन आज के इस दौर में चलता है। वो भी तो हिन्दू थी, फिर उनके हत्यारों को क्यों न आतंकवादी कहा जाए?

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