देश में लोकसभा के चुनाव चल रहे हैं, जिसमे आज 5वें चरण का चुनाव हो रहा हैं. 5वें चरण में देश की 51 सीटों पर मतदान हो रहा हैं. जिसमें मतदाता सभी 51 सीटों पर खड़े प्रत्याशियों की किस्मत, या तों चमका देंगे या मिट्टी मे मिला देंगे. लेकिन, मिट्टी मे मिलाएंगे कैसे? जब मतदाता खुद अपनी ज़ुबान से ये कह रहा हो, कि मुझ से ज़बरदस्ती इस पार्टी को वोट दिलवा दिया गया हैं. भला कौन सी ऐसी पार्टी और उसका प्रत्याशी हैं, जो ऐसी हरकतें कर रहा हैं. ये तो वही बात हो गई कि ‘मरता, क्या न करता.’

पूरा मामला समझिए!

मुद्दे की बात यह है कि, आज 51 सीटों पर हो रहे मतदान कुछ नेताओं के लिए नाक का सवाल बन गए हैं. वो इसलिए क्योंकि आज देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश मे चुनाव हो रहा है, जो कि सात चरण में होगा! लेकिन, यहां नाक का सवाल इसलिए है, क्योंकि आज अमेठी और रायबरेली सीट पर भी चुनाव हैं. जहां कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी खुद मैदान में हैं और इनका मुक़ाबला मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से हैं.

सभी सीटों पर मतदान धड़ाधड़ जारी हैं. साथ ही, सभी सीटों पर वोटिंग भी शुभ-मंगल चल ही रहा था, कि सुबह 10 बजे स्मृति ईरानी ने एक वीडियो ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने लिखा,

“मैंने प्रशासन और चुनाव आयोग को (अमेठी में बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाते हु्ए) अलर्ट ट्वीट किया है. उम्मीद है कि वे कार्रवाई करेंगे”

अब मोदी सरकार की एक बहुचर्चित मंत्री बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाए और चुनाव आयोग दौड़ कर न आए. ऐसा हो सकता है क्या! खैर, हो तो कुछ भी सकता है. जब कोई भी बटन दबाने पर बीजेपी को वोट जा सकता है, तो कांग्रेस का बूथ कैप्चरिंग भी हो सकता हैं. खैर, घर वापसी करते हुए चुनाव आयोग पर आते हैं.

शिकायत 10 बजे हुई, एक घंटे के भीतर 11 बजे चुनाव आयोग आ गया. फिर उन्होंने अपनी सभी तरह की तफ़्तीश की और रिज़ल्ट ये आया कि ये सब झूठ है. खैर, चुनाव आयोग यूपी की जिन सीटों पर आज मतदान हो रहा है, उसकी पूरी जानकारी दी है, जिसमें अमेठी समेत किसी भी जगह से गड़बड़ी की शिकायत नहीं है.

चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी वोटिंग में कोई गड़बड़ी नहीं हुई. फोटो सोर्स- twitter

चलिये अब उस बात पर आते है, जो कल यानि की रविवार को घटित हुई.

असल में रविवार को भी स्मृति ईरानी ने 3 बजे करीब एक ट्वीट किया था. इस ट्वीट में उन्होने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला था. इस ट्वीट में भी एक वीडियो है. इस वीडियो में एक आदमी ये कह रहा है कि वो एक बीमार रिश्तेदार को लेकर अमेठी के संजय गांधी हॉस्पिटल गया, जहां उसे इलाज नहीं मिला. वीडियो में दिख रहे इस शख्स के मुताबिक, जब वो अस्पताल पहुंचा तो उसे कहा गया, ये योगी-मोदी का अस्पताल नहीं है यहां आयुष्मान कार्ड नहीं चलेगा.”

तब इस पर स्मृति ईरानी ने कांग्रेस परिवार पर हमला बोलते हुए पूछा कि, संजय गांधी अस्पताल के ट्रस्टी राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा जवाब दें अमेठी के एक निर्दोष को क्यूं मार दिया गया?

जब मामले ने तूल पकड़ा तो अस्पताल के डायरेक्टर को खुद बाहर आना पड़ा. बाहर आकर डायरेक्टर ने यह कहा-

“अस्पताल पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं. हमने आयुष्मान भारत स्कीम के तहत 200 मरीजों का इलाज किया है. वो बीमार शख्स अपने साथ आयुष्मान कार्ड नहीं लेकर आया था और इस स्कीम का ये नियम है कि बिना कार्ड के मरीज को भर्ती नहीं किया जाता”

स्मृति ईरानी ने 2014 में भी अमेठी से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो चुनाव हार गई थीं. स्मृति एक बार फिर राहुल गांधी के गढ़ में चुनावी मैदान में हैं. देखते है इस बार वोटर और किस्मत किसका साथ देती हैं.