“जिस दिन नरेंद्र मोदी राजनीति छोड़ेंगे मैं भी राजनीति छोड़ दूंगी।” ये बात भाजपा के किसी समान्य नेता ने नहीं बल्कि स्वंय केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मीडिया के सामने कही है। स्मृति ईरानी ने मोदी के राजनीति से संन्यास लेने के बाद राजनीति छोड़ने के बारे में जो कुछ भी कहा है वह कितना सही है, यह तो समय आने पर ही पता चल पाएगा। लेकिन एक बात जो पता चल गई है वो ये है कि स्मृति ईरानी झूठ भी बोलती है।

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दरअसल, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सरकारी दस्तावेज में गलत जानकारी देकर एक तरह से देश को धोखा दिया है। स्मृति ईरानी ने संविधान की आत्मा को छलने का काम किया है। केंद्रीय मंत्री ने गुरूवार को यूपी के अमेठी लोकसभा से नमांकन पर्चा भर दिया है। इस पर्चे में स्मृति ईरानी ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक केंद्रीय मंत्री ग्रेजुएट नहीं है। जबकि 2004 को अपने चुनावी हलफनामे में स्मृति ईरानी ने बताया था कि वो ग्रेजुएट हैं। इस तरह स्मृति ईरानी द्वारा चुनाव आयोग को गलत जानकारी देने की वजह से कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री से इस्तीफा मांगा है।

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2019 लोकसभा चुनाव के लिए अमेठी से नमांकन पर्चा भरते हुए स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग को दी जानकारी में बताया कि उन्होंने 1994 में दिल्ली स्कूल ऑफ ओपेन लर्निंग से  (कॉरस्पोंडेंस) में इस कोर्स में दाखिला लिया था, लेकिन उन्होंने इसे पूरा नहीं किया। हलांकि, 2017 में राज्यसभा के लिए चुने जाने से पहले भी ईरानी ने यही जानकारी दी थी।

2019 लोकसभा चुनाव के लिए नमांकन फॉर्म में ईरानी द्वारा दी गई जानकारी  2004 के लोकसभा चुनाव के ठीक उल्टा है। 2004 में चांदनी चौक से चुनाव लड़ी थी। इस चुनाव के लिए अपने नमांकन फॉर्म में ईरानी ने बताया था कि उन्होंने  1996 में दिल्ली यूनिवर्सिटी (स्कूल ऑफ कॉरस्पोंडेंस) से बीए किया है। 2004 में खुद को ग्रेजुएट स्मृति ईरानी ने बाताया था।

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यह पहली बार नहीं है जब अपनी डिग्री की वजह से ईरानी विवादों में आई हैं। इससे पहले भी डिग्री को लेकर स्मृति ईरानी पर सवाल उठते रहे हैं। 2014 में जब स्मृति ईरानी ने लोकसभा चुनाव के लिए अमेठी से नमांकन दर्ज किया था तब अपने नमांकन फॉर्म में ईरानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (कॉरस्पोंडेंस) से बीकॉम पार्ट-1 की जानकारी दी थी। इस तरह बार-बार अपनी योग्यता को लेकर अलग-अलग बयान देने की वजह से स्मृति ईरानी का झूठ मीडिया के जांच में सामने आ गया है।

इस मामले के सामने आते ही कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी पर गाना गाते हुए चुटकी ली है। प्रियंका ने ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ टीवी सीरियल के टाइटल सॉन्ग की तर्ज पर नया गाना बना डाला है। उन्होंने कहा- ”क्वालिफिकेशन के भी रूप बदलते हैं। नए-नए सांचे में ढलते हैं, एक डिग्री आती है, एक डिग्री जाती है। बनते एफिडेविट नए हैं।”

विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अमेठी से बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने अपने डिग्री विवाद पर कांग्रेस पर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस चाहे मुझे कितना भी अपमानित कर ले, लेकिन मुझे रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा, “मुझ पर हमला करना उनका अधिकार है, कांग्रेस के चेले-चपाटे चाहे जो भी कर लें, लेकिन वे मुझे नहीं रोक सकते हैं।”

स्मृति ईरानी ने आगे अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे जितना मुझे अपमानित करेंगे मुझे उतनी ही अधिक ताकत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी के नामदार के खिलाफ़ चुनाव लड़ रही हूं इसलिए वो मेरे उपर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।

नामदार, कामदार और चौकीदार की बात को यदि छोड़ दें तो यह बात जगजाहिर हो गई है कि स्मृति ईरानी ने अपने नामांकन पर्चे में गलत जानकारी दी है। यह बात को खुद स्मृति ईरानी ने भी स्वीकार कर लिया है।

 

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