सोशल मीडिया जब से अस्तित्व में आया है, तब से लोगों के लिए बहुत सारे काम आसान हो गये हैं. एक ऐसा जरिया जिससे आप दुनिया के किसी भी कोने में अपनी बात को चंद मिनटों में पहुंचा सकते हैं. सोशल मीडिया के कई माध्यम आज के समय में चलन में है. जिसमें प्रमुख फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे माध्यम ज्यादा चलन में है. सोशल मीडिया जितनी बेहतरीन माध्यम है उतना ही खतरनाक भी है. एक तरफ सोशल मीडिया का ही देन है कि भारत में वर्षों पुराने महिलाओं के ऊपर हो रहे य़ौन शोषण जैसे अपराध “मी टू” कैंपेन के माध्यम से देश-दुनिया के सामने आ सका. दूसरी तरह इसी सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपराधी महिलाओं का यौन शोषण करने में हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं.

विनोद, जो सोशल मीडिया पर करता था लड़कियों को ब्लैकमेल, फोटो सोर्स: गूगल
विनोद, जो सोशल मीडिया पर करता था लड़कियों को ब्लैकमेल, फोटो सोर्स: गूगल

अभी कुछ दिन पहले इसी से मिलती- जुलती एक खबर हैदराबाद से आयी थी. जिसमें एक अपराधी ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर 300 लड़कियों को ब्लैकमेल किया था. हैदराबाद पुलिस की साइबर विंग ने 25 साल के एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया जिस पर सोशल मीडिया के जरिए 300 लड़कियों के साथ धोखाधड़ी करने, उनकी तस्वीर को पोर्न साइट पर डालकर उनसे पैसे वसूलने और ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस के अनुसार आरोपी विशाखापतनम का रहने वाला विनोद था. महिलाओं को फंसाने के लिए पहले वह फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, और डेटिंग ऐप के जरिए लड़कियों की फोटो और नंबर निकालता था और उसे पोर्न साइट पर अपलोड कर देता था. इसके बाद वह लड़कियों को फोन करके कहता था कि आपका नंबर मुझे पोर्न साइट से मिला है, और जब लड़कियां उससे परिचय पुछती तो खुद को सिस्को और डेल जैसी बड़ी- बड़ी केपनीयों का सॉफ्टवेयर सिक्योरिटी इंजीनियर बता कर आरोपी विनोद पीड़ित लड़कियों को पोर्न वेबसाइट से तस्वीरें हटाने का झांसा देता था और उसके बदले पैसों की मांग करता था.

पुलिस ने बताया कि जब एक पीड़ित युवती ने अपनी तस्वीर पोर्न वेबसाइट से हटवाने के लिए आरोपी को चार महीने (जनवरी 2019-अप्रैल 2019) तक 10-10 हजार रुपये देती रही. लेकिन बाद में उसे एहसास हो गया कि वो जिसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर समझ कर पैसे दे रही हैं वो व्यक्ति सही नहीं है. एसीपी रघुवीर के मुताबिक जब महिला ने पैसे देने बंद कर दिए तो फिर उसकी तस्वीर कई डेंटिंग ऐप और पोर्न वेबसाइट पर दिखने लगी. पीड़ित युवती ने इसकी शिकायत साइबर सेल से कर दी जिसके बाद पुलिस ने आरोपी विनोद को गिरफ्तार कर लिया.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

पुलिस जांच के अनुसार अपराधी पहले बिना किसी पहचान के सिम खरीदता, उसके बाद सोशल मीडिया से महिलाओं के इकट्ठा किए नंबर और मेल आईडी का इस्तेमाल कर ट्रूकॉलर के जरिए लड़कियों की पहचान कर उन्हें ब्लैकमेलिंग करना शुरू कर देता था. और अगर किसी लड़की ने जवाब दे दिया तो फिर आरोपी विनोद उन्हें अपने जाल में फंसाता था और खुद उनकी तस्वीर को पोर्न वेबसाइट पर अपलोड कर उन्हें इसकी जानकारी भी देता था.

इतना सब होने के बाद आरोपी लड़कियों को सेक्स चैट करने पर मजबूर करता था. इनकी फोटो को सार्वजनिक करने की धमकी देता और उन्हें डरा धमका-कर उनसे पैसे की उगाही करता था और जो लड़की उसकी बात को मानने से इंकार कर देती उनकी तस्वीर को वो पोर्न वेबसाइट पर अपलोड कर देता था. साइबर सेल को आरोपी विनोद से यह भी पता चला कि जैसे ही किसी लड़की से उसकी डील पूरी हो जाती थी उसके बाद वो इस्तेमाल किए गए नंबर और उन्हें दिए गए मेल आईडी को बंद कर देता था ताकि उसे कोई पकड़ न सके.

यहां सिर्फ विनोद की बात नहीं हैं बल्कि विनोद जैसे कई ऐसे लोग हैं जो सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को फंसा कर ब्लैकमेल करते हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस स्तर पर जा सकता है. इससे महिलाओं को सावधान रहने की जरूरत है. और ऐसी कोई भी घटना होने पर तुरंत पुलिस को ख़बर करना चाहिए. जिस प्रकार एक महिला के शिकाय़त पर ही आरोपी विनोद को पकड़ा जा सका. अगर सोशल माडिया आज को दौर में जरूरी है तो कही उससे भी ज्यादा जरूरी है सावधानी से इसका इस्तेमाल करना.

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