पिछले कुछ दिनों से श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसके पीछे वजह सिर्फ क्रिकेट मैच है। पाकिस्तान, श्रीलंकाई टीम को अपने देश आने के लिए रिक्वेस्ट कर रहा है और श्रीलंका के खिलाड़ी पाकिस्तान जाने को तैयार नहीं है। खासकर श्रीलंका के सिनियर खिलाड़ियों ने पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया है। इस इंकार के बाद पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिक मंत्री फवाद हुसैन चौधरी ने एक बयान दिया है। इस बयान में साहब कहते हुए नज़र आ रहे हैं कि श्रीलंका की टीम भारत के दवाब में आकर पाकिस्तान आने से मना कर रहे हैं। उनके इस बयान से यह जरुर समझ में आ गया है कि वह किस सोच से ग्रसीत हैं।

 पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिक मंत्री फवाद हुसैन चौधरी,फोटो सोर्स: गूगल
पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिक मंत्री फवाद हुसैन चौधरी,फोटो सोर्स: गूगल

यह वहीं साहब हैं जिन्होंने चन्द्रयान-2 के लॉन्च वाली रात जाग कर भारत के लोगों को ट्वीट कर नसीहत दे रहे थे। लगता है साहब अभी उस सोच से बाहर नहीं निकल पाए हैं और आगे निकलने के आसार भी नहीं दिख रहे हैं। अभी बात हो रही है पाकिस्तान और श्रीलंका की और साहब उसमें भी भारत को घुसेड़े हुए हैं। फवाद हुसैन का कहना है कि भारत ने श्रीलंकाई खिलाड़ियों को आईपीएल कंट्रैंक्ट रद्द करने की धमकी दी है जिसके बाद श्रीलंका ने पाकिस्तान आने से मना कर दिया है। साहब इस तरह का बयान देकर तो खूब वाहवाही लुट रहे थे लेकिन, जब श्रीलंका ने इसका जवाब ट्वीट करके दिया तब शायद उनकी अक्ल ठीकाने आई होगी।

श्रीलंका के खेल मंत्री हैं हरिन फर्नांडो। उन्होंने ही पाकिस्तान को ट्वीट करके जवाब दिया है। हरिन ने ट्वीट कर लिखा-

इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि भारत की वजह से श्रीलंका के खिलाड़ी पाकिस्तान जाने से मूकर रहे हैं। हमारे टीम के कुछ खिलाड़ियों ने 2009 में हुई घटना को लेकर पाकिस्तान जाने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में हम एक ऐसी टीम चुनेंगे जो पाकिस्तान जाकर पाकिस्तान को उसके घर में ही हराए।  

हरिन फर्नांडो का यह जवाब उस वक्त आया जब फवाद साहब ने ट्वीट कर कह रहे थे-

एक खेल कमेंटेटर ने मुझसे कहा कि भारत ने श्रीलंकाई खिलाड़ियों को धमकी दी है कि अगर वे पाकिस्तान खेलने गए तो उनका आईपीएल करार खत्म कर दिया जाएगा। ये काफी नीच हरकत है। इसकी निंदा की जानी चाहिए। ये भारतीय खेल अधिकारियों की ओछी हरकत है।

इनके ट्वीट के पढ़ने के बाद तो यही लग रहा है कि साहब जो अभी चार दिन पहले ही विक्रम लैंडर पर ओछी हरकत कर रहे थे, उसका हिसाब नहीं है इनके पास। खैर, गलती इनकी नहीं है इसमें, क्योंकि ये तो रोज की आदत हैं इनका गीदड़भभकी देने की। लेकिन, श्रीलंका के खेल मंत्री के ट्वीट के बाद उम्मीद है कि साबह को कुछ तो विश्वास हुआ होगा और 2009 में हुए घटना पढ़ने की कोशिश करेंगे।

हरिन फर्नांडो, फोटो सोर्स: गूगल
हरिन फर्नांडो, फोटो सोर्स: गूगल

श्रीलंका की टीम साल 2008-2009 में पाकिस्तान दौरे पर थी। इस दौरे पर 3 जनवरी को श्रीलंका-पाकिस्तान के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट चल रहा था। तीसरे दिन के खेल के लिए पूरी श्रीलंकाई टीम होटल से गद्दाफी स्टेडियम जा रही थी तभी अचानक उनके बस पर गोलियां बरसनी शुरु हो गई। 12 नकाबपोश आतंकवादियों ने पहले बस के उपर गोलियां चलाई फिर रॉकेट दागे और उसके बाद हौंड ग्रेनेड से हमला किया।

टीम के बस पर हमला होने के बाद कप्तान महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा, स्पिनर अजंता मेंडिस, तेज गेंदबाज चामिंडा वास, थिलन समरवीरा और थरंगा पारनविताना घायल हो गए थे। इस घटना के बाद श्रीलंकाई टीम बीच में ही मैच छोड़ दी थी। जिसके बाद पूरी टीम को एयरलिफ्त कर एयरपोर्ट पहुंचाया गया। वहां से पूरी टीम अपने देश चली गई थी।

जब 2009 में श्रीलंकाई टीम पर हुआ था हमला, फोटो सोर्स: गूगल
जब 2009 में श्रीलंकाई टीम पर हुआ था हमला, फोटो सोर्स: गूगल

श्रीलंका के ऊपर हुए इस घटना के बाद से कोई भी टीम पाकिस्तान जाने से मना कर देती है। 2015 में जिम्बांबे और 2018 में वेस्टइंडीज जरुर सीमीत ओवर के मैच खेले थे लेकिन, उसके बाद कोई विदेशी टीम पाकिस्तान नहीं गई। ऐसे में श्रीलंका एक बार फिर से जाने को तैयार हुआ था लेकिन, अब जिस तरह के बयानबाजी हो रही है उससे तो यही लग रहा है कि पाकिस्तान की केवल घरेलू टीम ही पाकिस्तान में खेलेगी कोई विदेशी टीम पाकिस्तान नहीं जाने वाली है।