1975 में क्रिकेट के महाकुंभ वर्ल्ड कप का आगाज हुआ। इस वर्ल्ड कप को जीता उस दौर की बेहतरीन टीम ने। दूसरा वर्ल्ड कप चार साल बाद यानी 1979 में हुआ। 1979 का वर्ल्ड कप बहुत हद तक पहले वर्ल्ड कप की तरह ही था, कुछ जरूरी बदलाव भी हुये थे। वर्ल्ड कप के सफर में आज कहानी 1979 के वर्ल्ड कप की।

1979 वर्ड कप की जीत का जश्न मनाते वेस्टइंडीज के खिलाड़ी, फोटो सोर्स- गूगल

1979 वर्ल्ड कप

1975 की तरह इस बार भी वर्ल्ड कप की मेजबानी इंग्लैंड कर रहा था। इस बार भी मैच लाल गेंद से हुए और सभी टीमों की एक ही जैसी ड्रेस थी यानि के सफेद। मैच 60-60 ओवर ही होने थे, इस वर्ल्ड कप में भी 8 टीमों ने भाग लिया था। वो टीमें थीं इंग्लैंड, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और भारत। इस वर्ल्ड कप में दो टीमों का चयन क्वालिफायर मैच से हुआ। क्वालिफायर मैच से वर्ल्ड कप में आने वाली दो टीमें थीं, कनाडा और श्रीलंका।

1975 के वर्ल्ड कप की तरह ही इस बार भी 8 टीमों को दो ग्रुपों में बांटा गया। हर ग्रुप की दो टाॅप टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करतीं। ग्रुप ‘ए’ में इंग्लैंड, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसी टीमें थी, तो ग्रुप ‘बी’ में वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और भारत थी। सेमीफाइनल में पाकिस्तान, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज ने अपनी जगह पक्की की।

शॉट लगाते हुए  न्यूजीलैंड के खिलाड़ी जॉन राइट, फोटो सोर्स- गूगल

पहला सेमीफाइनल मुकाबला इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुआ। इंग्लैंड ने पहले बैंटिग की, इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने अच्छी पारियां खेलीं। इंग्लैंड ने 60 ओवर में आठ विकेट के नुकसान पर बनाए 221 रन। न्यूजीलैंड के पास अच्छे आलराउंडर थे, शुरूआत भी बढ़िया हुई थी। न्यूजीलैंड की ओर से जाॅन राइट ने 69 रनों की बढ़िया पारी खेली लेकिन टीम को फाइनल तक नहीं पहुंचा सके। न्यूजीलैंड ये मैच पांच रन से हार गई और इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया।

दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच हुआ। इस वर्ल्ड कप में वेस्टइंडीज की कप्तानी कर रहे थे, विवियन रिचर्ड्स। वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 60 ओवर में बनाए 293 रन। ग्रीनिज ने 73 रनों की पारी खेली तो विवियन रिचर्ड्स ने भी महत्वपूर्ण 42 रन बनाये। पाकिस्तान ये मैच हारी जरूर लेकिन उन्होंने वेस्टइंडीज के पसीने छुड़ा दिये थे। जहीर अब्बास और माजिद खान ने दूसरे विकेट लिए 166 रनों की साझेदरी की। जब तक दोनों क्रीज पर थे तो लग रहा था कि ये पाकिस्तान ही जीतेगी लेकिन जैसे ही दोनों आउट हुए पाकिस्तान ताश के पत्ते की तरह ढह गई और वेस्टइंडीज ये मैच 43 रनों से हार गया। पाकिस्तान की ओर से माजिद खान ने 81 और जहीर अब्बास ने 93 रनों की पारी खेली।

वेस्टइंडीज के खिलाड़ी विवियन रिचर्ड्स, फोटो सोर्स- गूगल

फाइनल का रोमांच

23 जून 1979 को वर्ल्ड कप का फाइनल लॉर्ड्स में हुआ। वेस्टइंडीज लगातार दूसरी बार फाइनल खेल रही थी तो इंग्लैंड के पास अपने ही घर में वर्ल्ड कप जीतने का मौका था। फाइनल में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी की और खूब रन मारे। इस मैच में विवियन रिर्चड्स ने 138 रन की नाबाद पारी खेली। वेस्टइंडीज ने पहले खेलते हुए 60 ओवर में बनाये, 286 रन।

इंग्लैंड ने 287 रन के जवाब में शुरूआत बढ़िया की। पहले विकेट के लिए 129 रनों की साझेदारी हुई, लेकिन रन बनाने की स्पीड बहुत धीमी थी। ब्रियरली ने 64 रन के लिए 130 गेंदे खेल डाली तो बाॅयकाॅट ने 105 गेंदों में 57 रन बनाये। दोनों के आउट होते ही इंग्लैंड जल्दी ही सिमट गई। इंग्लैंड 51 ओवर में 194 रन बनाकर आउट हो गई। वेस्टइंडीज ने लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीत लिया।

Image result for 1979 world cup finalएक मैच नहीं जीत पाई भारत

वेस्टइंडीज फिर से वर्ल्ड कप ले गई और भारत फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सकी। भारत की टीम बुरी तरह से हार गई। 1975 के वर्ल्ड कप में भारत के नाम एक जीत रही थी लेकिन इस वर्ल्ड कप में भारत एक भी मैच नहीं जीत पाया। इस वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी कर रहे थे, श्रीनिवास वेंकटराघवन।

 

भारतीय टीम के कप्तान श्रीनिवास वेंकट राघवन, फोटो सोर्स- गूगल

भारत को अपने ग्रुप के तीनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा था। यहां तक कि टेस्ट का दर्जा न पाने वाली टीम श्रीलंका से भी भारत हार गई, भारत वो मैच 47 रन से हारी। ये वर्ल्ड कप वर्ल्ड क्रिकेट याद किया जाता है वेस्टइंडीज के स्वर्णिम दौर के लिए और भारत याद करता है अपने बुरे दौर के लिए। ऐसे खट्टे-मीठे अनुभव भारत आगे और भी पाने वाला था। पर इस वर्ल्ड कप के बाद भारतीय क्रिकेट की तस्वीर बदलने वाली थी। वर्ल्ड कप के अगले सफर में 1983 वर्ल्ड कप की कहानी।

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