कल रविवार यानि 8 दिसंबर को रोज की तरह दिल्ली में सुबह तो हुई लेकिन, तब तक कई ज़िंदगियां राख हो चुकी थीं. रानी झाँसी रोड के पास फिल्मिस्तान इलाके की तंग गलियों के बीच स्थित एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने की वजह से 43 लोगों की जान चली गयी. जबकि, 60 से ज़्यादा लोग आग में झुलस गए. गंभीर हालत में सभी घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. पीड़ितों के परिवारों में मातम का सन्नटा छाया हुआ है. दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती घायलों को देखने के लिए और मृतकों की पहचान के लिए परिवारजन पहुंच रहे हैं.

अनाज मंडी की एक फैक्ट्री में लगी आग फोटो सोर्स - गूगल

अनाज मंडी की एक फैक्ट्री में लगी आग फोटो सोर्स – गूगल

पुलिस ने कार्यवाही करते हुए फैक्ट्री मालिक रेहान और मैनेजर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और धारा 285 (आग या ज्वलनशील पदार्थ के संदर्भ में लापरवाही) के तहत मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया गया है. रेहान से पुलिस पूछताछ कर रही है.

बता दें कि, फिल्मिस्तान में स्थित इस फैक्ट्री में 17 साल से लेकर 30 साल तक की उम्र के लोग काम किया करते थे. जिसमें बच्चों के खिलौने और बस्ते बनाने का काम हुआ करता था. आवासीय इलाके के बीच चल रही फैक्ट्री में आग लगने के समय 59 लोग मौजूद थे. फायर ब्रिगेड को आग लगने की सूचना सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर मिली जिसके बाद दमकल के 30 वाहन घटनास्थल पर पहुंचे थे.

मौके पर आग बुझाने पहुंची दमकल विभाग की कई गाड़ियां, फोटो सोर्स- गूगल

मौके पर आग बुझाने पहुंची दमकल विभाग की कई गाड़ियां, फोटो सोर्स- गूगल

अभी तक आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई है. शॉर्ट सर्किट की वजह से दूसरी मंजिल के मुख्य दरवाजे के पास आग लगी थी. जिस समय आग लगी, उस समय दरवाजा बंद था और लोग अंदर सो रहे थे. ऐसे में सो रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग भी नहीं सके.

आग बझाने और लोगों को बचाने मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने बताया कि, कई फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया है जिन्हें तुरंत RML अस्पताल, LNJP और हिंदू राव अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया है. इन सबके बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक ट्वीट किया है. अपने ट्वीट में एक हीरो का जिक्र करते हुए एक तस्वीर शेयर की है. ये तस्वीर फायर मैन राजेश शुक्ला की है.जो हादसे के वक्त सबसे पहले पहुंचे थे.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपने ट्वीट में लिखा –

‘दमकलकर्मी राजेश शुक्ला असली हीरो हैं. वह पहले फायरमैन हैं, जो बिल्डिंग में घुसे और 11 जिंदगियां बचाईं. उन्होंने हड्डियों में चोट लगने के बावजूद अपना काम जारी रखा. मैं इस बहादुर हीरो को सलाम करता हूं.’

फायरमैन राजेश शुक्ला, जब आग लगी फैक्ट्री के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि एक दरवाजे पर आग लगी होने के कारण उसके अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. ऐसे में बिना एक क्षण गंवाए राजेश शुक्ला ने हिम्मत से काम लेते हुए एक मोटी लकड़ी उठाई और दरवाजे को तोड़ा. इसके बाद अंदर जाकर उन्होंने बेहोश हो रहे लोगों को अपने कंधे पर बिठाया और बाहर लाए.

इस दौरान राजेश शुक्ला को आग की विकराल लपटों का सामना करना पड़ा. जिसकी वजह से उनके पैर भी झुलस गए लेकिन, राजेश ने अपनी जिम्मेदारी को समझा और कर्तव्य निभाते रहे. इतनी विकट परिस्थिति में अपनी बहदुरी और समझदारी का परिचय देते हुए राजेश शुक्ला ने अकेले 11 लोगों की जान बचाई. इस मुश्किल बचाव अभियान के दौरान दिल्ली अग्निशमन सेवा के जवान फायरमैन राजेश शुक्ला को पैर में चोट आई है. जिसका इलाज एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है.

फायर मैन राजीव शुक्ला से मिलने अस्पताल पहुंचे हर्षवर्धन, फोटो सोर्स - गूगल

फायर मैन राजेश शुक्ला से मिलने अस्पताल पहुंचे हर्षवर्धन, फोटो सोर्स – गूगल

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अगर राजेश शुक्ला अपनी बैकअप टीम का इंतजार करते तो शायद हताहतों की संख्या और बढ़ जाती. बहादुर जवान ने अपनी जान की परवाह किए बिना इमारत में घुसकर 11 लोगों की जान बचाई है.

भीषण आग की लपटों के बीच फंसे लोगों के लिए फरिश्ते बने फायर मैन राजेश शुक्ला की बहादुरी को लोग सोशल मीडिया पर खूब सराह रहे हैं, सलाम कर रहे हैं. कोई राजेश शुक्ला को रियल हीरो बता रहा है, तो कोई सुपर हीरो ‘फायर फाइटर’.

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