आईपीएल खत्म हो चुका और अब क्रिकेट का महाकुंभ चंद दिनों ही दूर है। अब फिर से कयास लगाये जाएंगे और आखिर में जीतेगा वही जो सबसे अच्छा खेल दिखाएगा। विराट कोहली की अगुवाई में भारत भी बड़ा दावेदार माना जा रहा है। वर्ल्ड कप के हर मैच की कहानी तो हम सुनायेंगे। लेकिन वो कहानी भी नहीं छोड़नी चाहिए जहां से इस महाकुंभ का सफ़र शुरू हुआ था। 1975 से 2015 तक के वर्ल्ड कप में रोमांच बढ़ता ही जा रहा है। सचिन की बैटिंग का गवाह रहा ये महाकुंभ स्टीव वाॅ की कप्तानी का गवाह रहा, धोनी के छक्के का गवाह रहा और भी बहुत कुछ है वर्ल्ड कप के सफर में। उसी सफर पर हम और आप चलते हैं। आज इस सफर में कहानी पहले वर्ल्ड कप की।

1975 के वर्ल्ड कप की एक तस्वीर, फोटो सोर्स- गूगल

पहला वर्ल्ड कप 1975 में इंग्लैंड में हुआ था। उससे पहले क्रिकेट सिर्फ लाल गेंद से हुआ करता था, यानी कि टेस्ट क्रिकेट। पहली बार वर्ल्ड कप हुआ लेकिन चीजें टेस्ट क्रिकेट जैसी ही थीं। जैसे लाल गेंद से मैच, सभी टीमें सफेद कपड़ों में ही खेली, बदला तो सिर्फ फाॅर्मेट और ओवर। पहले वर्ल्ड कप में मैच 60-60 ओवर के हुआ करते थे। वर्ल्ड कप 7 जून 1975 को शुरू हुआ और 21 जून 1975 को खत्म हुआ।

पहले वर्ल्ड कप में आठ टीमों ने हिस्सा लिया था। इस विश्व कप में खेलने वाली टीमें थीं- ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, इंडिया, ईस्ट अफ्रीका, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और पाकिस्तान। इन आठ टीमों को चार-चार के ग्रुप में बांट दिया। दोनों ग्रुपों की टाॅप-2 टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचती। पहले ग्रुप में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, भारत और ईस्ट अफ्रीका टीमें थीं। दूसरे ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी टीमें थीं।

फोटो सोर्स- गूगल

पहले ग्रुप से सेमीफाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड पहुंची। वहीं दूसरे ग्रुप से सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया पहुंची। पहला सेमीफाइनल मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ। इंग्लैंड पहले खेलते हुए सिर्फ 93 रन पर आल-आउट हो गई। कम स्कोर को पार करने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपने 6 विकेट गंवा दिए और 4 विकेट से जीत दर्ज की।

दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला हुआ वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के बीच। इस मैच को वेस्टइंडीज ने 5 विकेट से जीत लिया। पहले खेलते हुए न्यूजीलैंड ने 158 रन बनाए और वेस्टइंडीज ने इस लक्ष्य को 5 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। कालीचरण ने 72 रन और ग्रीनिज ने 55 रनों की शानदार पारी खेली।

फोटो सोर्स- गूगल

फाइनल मैच

पहले वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला लॉर्ड्स के मैदान पर हुआ। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज दोनों ही टीमें पूरे विश्व कप में सबसे बेहतरीन टीमें थीं। यही वजह थी कि फाइनल मैच काफी करीबी और रोमांचक हुआ। वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग की और 60 ओवर में 291 रन बनाये। वेस्टइंडीज की ओर से सबसे ज्यादा रन कप्तान क्लाइव लाॅयड ने बनाये। लाॅयड ने इस मैच में शानदार 102 रनों की शतकीय पारी खेली।

बड़े स्कोर वाले फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को अंत तक चुनौती दी लेकिन मैच नहीं जीत सके। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 58.4 ओवर में 274 रन बनाकर आल आउट हो गई।  ऑस्ट्रेलियाकी हार की बड़ी वजह रही उनके विकेट, जो उन्होंने जल्दबाजी में खो दिये। ऑस्ट्रेलिया के पांच बल्लेबाज रन आउट हुए। इस मैच को वेस्टइंडीज ने 17 रन से जीता और पहले वर्ल्ड कप को भी अपने नाम किया।

फोटो सोर्स- गूगल

पहले वर्ल्ड कप में भारत

पहले वर्ल्ड कप में भारत का क्या हाल था? वर्ल्ड कप का पहला मैच ही लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ और भारत इस मैच में बुरी तरह से हारा। इस वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी कर रहे थे, श्रीनिवास वेंकटराघवन। इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 60 ओवर में 334 रन बनाये। इंग्लैंड की ओर से डेनिस एमिस ने सबसे ज्यादा 137 रन बनाये। भारत की बैटिंग इस मैच में बुरी तरह हुई। इस मैच में 334 रन के जवाब में भारत ने 60 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर बनाये 132 रन यानी डेनिस एमिस के अकेले के रन से 5 रन कम।

फोटो सोर्स- गूगल

इस मैच में सुनील गावस्कर ने एक रिकाॅर्ड बनाया। रिकाॅर्ड वर्ल्ड कप में सबसे धीमे खेलने का। गावस्कर ने इस मैच में 174 गेंदें खेलीं और रन बनाये सिर्फ 36। अपनी इस 36 रनों की पारी में गावस्कर ने एक चौका भी लगाया। कहा जाता है कि वनडे मैच के विरोध में सुनील गावस्कर ने वो धीमी पारी खेली थी। उस मैच में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन गुंडप्पा विश्वनाथ ने बनाये थे। विश्वनाथ ने 59 गेंदों में 37 रनों की पारी खेली थी।

1975 के वर्ल्ड कप में भारत सिर्फ एक ही मैच जीता ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ। ईस्ट अफ्रीका के खिलाफ भारत ने मैच 10 विकेट से जीता। इस मेैच में सबसे ज्यादा रन लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने बनाये। गाावस्कर ने 86 गेंद पर नाबाद 65 रनों की पारी खेली और अपनी इस पारी में 9 चौके भी लगाए।

फोटो सोर्स- गूगल

ये पहले वर्ल्ड कप की कहानी है जिसमें ट्राॅफी उठाई वेस्टइंडीज ने। वर्ल्ड कप के इस महाकुंभ की शुरूआत ऐसी हुई थी। भारत बुरी तरह से हारा था और वेस्टइंडीज के हाथों में खिताब था। यहीं से तो क्रिकेट की कहानी मे बड़ा बदलाव आता है। वर्ल्ड कप के इस महाकुंभ के सफर में अगली बार सुनायेंगे 1979 के वर्ल्ड कप कप की कहानी।

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