‘बजरंग’ मूवी आपने देखी है?

हमें पता है आपका जवाब होगा नहीं.

ये कोई जादू से नहीं बताए हैं. अब जो फिल्म रिलीज़ ही नहीं हुई उसे भला कैसे देखा जा सकता है, है कि नहीं? आज हम इस फिल्म की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि भले ही यह फिल्म बॉक्स ऑफिस तक का रास्ता तय नहीं कर पाई हो. पर, यह फिल्म अदालत तक का सफ़र अपने ज़माने में ही तय कर चुकी है.

‘बजरंग’ मूवी आज से करीब 22 साल पहले बन कर रिलीज़ होने वाली थी पर कुछ कारणों की वजह से नहीं रिलीज़ हो पायी. खैर, उस पर हम बात नहीं करेंगे. आज इस मूवी के बारे में बात इसलिए हो रही है क्योंकि इस फिल्म की स्टार कास्ट सन्नी देओल और करिश्मा कपूर की मुसीबतें बढ़ सकती हैं. मौज वाली भाषा में कहें तो इनका सन्नी तो भारी है ही साथ ही कोर्ट के सामने इनका करिश्मा भी नहीं चलने वाला है. कोर्ट में तो सिर्फ जज साहब ही इनके मालिक होंगे.

बजरंग मूवी का पोस्टर /फोटो सोर्स गूगल
बजरंग मूवी का पोस्टर /फोटो सोर्स गूगल

क्यों इनकी मुसीबतें बढ़ सकती हैं?

सन्नी देओल और करिश्मा कपूर पर 22 साल पहले, महानगर की एसीएमएम कोर्ट-रेलवे ने बजरंग की शूटिंग के दौरान फुलेरा-नरेना रेलवे स्टेशन पर बिना मंजूरी ट्रेन को रोकने का आरोप तय कर दिया है. इन दोनों के अलावा टीनू वर्मा और सतीश शाह पर भी आरोप लगे थे. इन सभी पर सिर्फ एक आरोप तय नहीं हुआ है बल्कि, आरोपों की पूरी लिस्ट है-

  • यात्रियों की सुविधा में खलल डालना.
  • रेलवे कर्मचारियों व यात्रियों के बीच संवाद में बाधा पहुंचाना.
  • रेलवे कर्मचारियों के काम में बाधा पहुंचाना.
  • रेलवे परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करना.
सन्नी देओल और करिश्मा कपूर/फोटो सोर्स गूगल
सन्नी देओल और करिश्मा कपूर/फोटो सोर्स गूगल

हुआ क्या था?

पूरी घटना 11 अप्रैल 1997 की है. घटना अजमेर के फुलेरा-नरेना रेलवे स्टेशन की है. बजरंग की शूटिंग चल रही थी. फिल्म के कुछ सीन ट्रेन के ऊपर भी शूट होने थे. इसी वजह से पूरी टीम नरेना रेलवे स्टेशन पहुँच गयी और ट्रेन पर चढ़ कर सीन शूट किया.

इस शूट की परमीशन उन्होंने किसी ने नहीं ली थी. इसी वजह से स्टेशन मास्टर सीताराम मालाकार ने इस घटना की FIR दर्ज कराई थी. सीताराम की रिपोर्ट के मुताबिक़ फिल्म बनाने वाली टीम स्टेशन पहुंची और ट्रेन का इंतज़ार करने लगी. क्रू के लोगों ने ट्रेन की चेन खींच कर ट्रेन को रोका, जिसके बाद एक्टर-एक्ट्रेस ट्रेन पर चढ़ गए और 25 मिनट तक सीन की शूटिंग चलती रही.

पुलिस ने जांच के बाद सबको क्लीन चिट दे दी थी. पर, कोर्ट ने बाद में 10 फरवरी, 1998 को सभी को दोषी मानते हुए रेलवे एक्ट की धारा-141,145,146 और 147 लगा कर सबके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया. लेकिन, फिर कोर्ट ने 7 मार्च 1998 को सन्नी देओल और करिश्मा कपूर की गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी थी.  

2012 में ही कोर्ट ने फाइट मास्टर टीनू शर्मा और सतीश शाह को आरोपी मान लिया था जबकि सन्नी देओल और करिश्मा कपूर ने खुद को निर्दोष बताते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. दोनों के वकीलों का कहना है कि जिन मामलों में आदेश तय किये गए हैं वह मामला बनता ही नहीं है.

अजय जैन, जो कि सन्नी और करिश्मा के वकील हैं उनका कहना है कि एक बार कोर्ट ने आदेश को रद्द कर दिया है तो पुनः कोर्ट ऐसा नहीं कर सकता इसलिए वे कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देंगे. अब इस मामले में कोर्ट ने आगे सन्नी देओल और करिश्मा कपूर को पेश होने के लिए कहा है. फिर आगे कुछ होता है तो हम आपको जरूर बताएँगे.