तमिलनाडु में 50 से अधिक महिलाओं के साथ 4 युवकों के ग्रुप ने यौन शोषण किया है. यह गैंग पोलाची का था. विपक्ष ने इस घटना का आरोप AIADMK पर लगाया है. पीड़िता के साथ छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सबके सामने आया है. डीएमके के प्रेसिडेंट एम के स्टेलिन ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की बात की है.

गिरफ्तार तीनो आरोपी फोटो सोर्स गूगल

ये मामला 3 हफ्ते पहले सामने आया था जब चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. चारों की उम्र 20 के आस पास है. पुलिस ने इस गिरोह के सदस्यों पर गुंडा अधिनियम का मामला दर्ज़ किया है. सोमवार 11 मार्च को पोलाची मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चार आरोपियों में से तीन सतीश, सबरीराजन और वसंतकुमार की रिमांड 15 दिन बढ़ा दी है. घटना के बारे में पुलिस ऑफिसर ने बताया-

“आरोपी पहले किसी महीला के नाम से फ़ेक अकाउंट बनाते थे. अधिकतर केस में पहले वह लड़कियों से बात करना शुरू करते थे. वह उनसे लेसबियन और दूसरे सेक्स संबंधी टॉपिक पर बात करते थे.. भरोसा जीतने के बाद उनमें से एक लड़का अपना हकीकत बता दिया करता था और जबरन लड़कियों को मिलने के लिए बुलाया करता था. मिलने के बाद वह सभी लड़के उस लड़की का शोषण किया करते थे और उनका बलात्कार किया करते थे. यह सब घटना वह चलती गाड़ी,होटल और फार्म हाउस में किया करते थे. लड़कियां चेन्नई, कोयम्बटूर, सलेम और तमिलनाडु के हिस्से के रहने वाली थीं. सभी लड़कियां स्कूल या कॉलेज में टीचर थीं, डाक्टर थी या कॉलेज जाने वाली लड़कियां थी.” 

सबरीराजन ने पहले पोलाची की एक 19 साल की लड़की से दोस्ती की उसके बाद उसे स्कूल बंक करके पोलाची के एक एकांत इलाके में बुलाया. जब वह लड़की इस इलाके में पहुंची तो उसे कार में बैठने के लिए कहा. सबरीराजन का दोस्त बताके तीन और लड़के गाड़ी में बैठ गए और गाड़ी चलाने लगे. चलती कार में तीन लड़कों ने उसके साथ बलात्कार किया. इस पूरी घटना का उन्होने विडियो बनाया और फोटो भी खिची, उसके बाद उस लड़की को छोड़ दिया. सबरीराजन ने उसे लगातार ब्लैकमेल किया और उससे पैसे निकाले. लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर लड़की ने अपने भाई को पूरी घटना बताई.

सभी आरोपी फोटो सोर्स गूगल

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला पूरी तरह खुल कर सामने आया. पीड़िता ने पहले इस मामले की जानकारी अपने भाई को दी थी जिसके बाद उसके भाई ने उन चार लड़कों से मिलकर विडियो डिलीट करने को कहा पर उन्होने उसे भी धमका दिया. इसके बाद लड़की का भाई पुलिस के पास गया. रिपोर्ट दर्ज़ करने के तुरंत बाद 24 फरवरी को पुलिस ने 3 युवकों को गिरफ्तार किया जबकि जो मुख्य आरोपी था उसको 4 मार्च को गिरफ्तार किया गया.

इनकी गिरफ्तारी के बाद जो सच सामने आया है वह काफी चौकाने वाला है. इनके मोबाइल में 50 लड़कियों की फोटो मिली. हालांकि कई फोटो और विडियो इसमें से डिलीट की हुई थी. पूछताछ में इन्होने स्वीकार किया कि अब तक ये 50 लड़कियों को ब्लैकमेल कर उनके साथ बलात्कार कर चुके हैं. पुलिस का कहना है कि इससे पहले भी लड़कियां इस मामले को लेकर सामने आ चुकी है पर समाज से डर और शर्म की वजह से उन्होने लिखित में कभी रिपोर्ट दर्ज़ नहीं कराई.

सोशल मीडिया का सहारा ले कर किया गया यह पहला मामला नहीं है. पहले भी हमारे सामने कई ऐसी घटनाएँ आई हैं जहां हमने देखा है कि फेक आईडी के सहारे कैसे लोगों को बेवकूफ़ बनाते हैं. आज के वक़्त में इंटरनेट सेफ जगह नहीं है जहां पर आप अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा करें. ऐसे गिरोह लगातार हमरी आईडी पर नज़र रखते हैं. ठगी का मामला सोशल मीडिया के दौर में काफी बढ़ा है.

हम यह कतई नहीं कह रहें कि सोशल मीडिया बुरा है. मीडिया कभी भी बुरा नहीं हो सकता लेकिन आपको यह भली-भाँति पता होना चाहिए कि आपको कहाँ रुकना है. अगर कोई अजनीबी आपको सोशल मीडिया पर मिलता है तो उससे अजनबियों की तरह ही बात करें, इतनी जल्दी किसी पर भरोसा करके उसे ऐसी कोई भी जानकारी न दें, जिसका इस्तेमाल कर वह आपको नुकसान पहुंचा सके.

अगर आपके साथ कुछ गलत होता है तो उसे अपने किसी दोस्त या परिवार के किसी सदस्य के साथ शेयर कीजिये. सबसे बेहतर होता है कि पुलिस में लिखित रिपोर्ट दर्ज़ करा दीजिये. क्योंकि चुप्पी किसी समस्या का समाधान नहीं है. इस केस में भी अगर पहली लड़की ने इसके खिलाफ कुछ बोला होता तो न ही यह आंकड़ा 50 तक पहुंचता और न ही ये दरिंदे इतने दिनों तक खुले घूम रहे होते.

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