जब-जब कश्मीर में कोई हलचल होती है। सबसे ज्यादा टेंशन में कोई आ जाता है तो वो है भारतीय मीडिया। बार्डर पर अगर कोई खाँस भी दे तो भारतीय मीडिया उसे जंग का ऐलान समझ बैठती है। आपको भारत और पाकिस्तान के सैन्य शक्तियों के बीच कमाल का विडियो प्रजेंट किया जाता है। पत्रकार कब फौजी बन जाता है और आम आदमी उसके चक्कर में रक्षा विशेषज्ञ, समझ में नहीं आता। खैर, इस मामले में हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान भी पीछे नहीं है। सेम टू सेम माहौल वहाँ के मीडिया का भी है। भला हो अमित शाह और मोदी जी का कि अभी सारे मीडिया चैनल्स को खूब सारा काम मिला हुआ है, बार्डर के दोनों तरफ। हर तरफ बस कश्मीर का मुद्दा छाया हुआ है। पैनेलिस्ट बुलाये जा रहे हैं, सारे के सारे एक्स्पर्ट्स।

ऐसे ही एक्स्पर्ट्स का एक हुजूम बार्डर पार पाकिस्तान में भी एक मीडिया चैनल पर बुलाया गया। इन खास साहब का नाम था तारिक पीरज़ादा। पीरज़ादा साहब को कश्मीर वाले मुद्दे पर बहस करना था। बहस करते-करते वो कुछ ज्यादा ही जज्बाती हो गए और उन्होने भारतीय हिंदुओं के लिए जहर उगल दिया। तारिक ने कहा:

“यह कहने में कोई मुश्किल नहीं है कि अगर कोई हिन्दू कश्मीर में लाकर आबाद किया गया तो, हम पाकिस्तान के लोग कश्मीर के लोगों से कहते हैं कि उनको एक सेकेंड भी ज़िंदा रहने का हक़ नहीं है। आपकी जमीन पर ठीक उसी तरह कब्जा किया गया है जिस तरह से यहूदियों ने फलिस्तीन पर कब्जा किया हुआ है। कश्मीर के मौजूदा हालात फलिस्तीन से भी ज्यादा खराब हैं।”

तारिक का विडियो देखिये:

तारिक के इस बयान पर शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने उसे जम कर लताड़ लगाई है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि:

“मुझे कोई आश्चर्य नहीं है। इसी मानसिकता की वजह से पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों की संख्या घट कर अब 1 प्रतिशत से भी नीचे आ गयी है। लेकिन मुझे आश्चर्य भारतीय मीडिया पर होता है जो ऐसे लोगों को अपने डीबेट में जगह देते हैं और उसे इसके पैसे देते हैं ताकि वो नफरत फैला सके।”

आपको बता दें कि तारिक पीरज़ादा को भारतीय मीडिया के डीबेट में भी बुलाया जाता रहा है। तारिक अक्सर रक्षा विशेषज्ञ के नाते भारतीय मीडिया के पैनेल में शामिल हुआ करते थे। इसी वजह से प्रियंका चतुर्वेदी ने भारतीय मीडिया को भी आड़े हाथों लिया है।

वैसे प्रियंका चतुर्वेदी की ही तरह हमें भी तारिक के बयान पर ज्यादा आश्चर्य नहीं हुआ। पाकिस्तान की नस-नस का सबको पता है। जिस देश का बंटवारा ही धार्मिक आधार पर हुआ है, उस देश के लोगों के अंदर दूसरे धर्म के लोगों के लिए कितना प्यार और सम्मान होगा ये कोई कहने वाली बात नहीं है। तारिक को कोई समझाये कि हिंसा कभी भी किसी मसले का कोई समाधान नहीं रहा है और जिस राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए वो ऐसा कह रहे थे, उनसे बढ़िया इस बात को और कोई समझ भी नहीं सकता। इसलिए तारिक साहब को चाहिए कि वो कुछ समय तक अपनी जुबान पर चन्दन घिसें ताकि जुबान को कुछ ठंडक मिले। चाहें तो एक-दो चम्मच उसका घोल बना कर पी भी लें, शायद अंदर की जलन भी शांत हो।

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