आज से ठीक 3 साल पहले सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में सेना ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को मार गिराया था. अलगाववादी नेता इस दिन को बुरहान वानी की शहादत दिवस के नाम से मनाते हैं. आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर अलगाववादी और उसके समर्थको द्वारा घाटी में हिसात्मक प्रदर्शन कर उपद्रव फैलाया जा सकता है जिसको ध्यान में रखते हुए कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. साथ ही साथ एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा भी रोक दी गयी है.

घाटी का पहला पोस्टर बॉय ‘बुरहान वानी’

आतंकी बुरहान वानी 19 सितंबर 1994 को कश्मीर के त्राल में पैदा हुआ था. बुरहान बनी के पिता मुजफ्फर अहमद वानी सरकरी स्कूल में हेडमास्टर थे. मात्र 15 साल की उम्र में बुरहान वानी ने तथाकथिक कश्मीर की आजादी के लिए हथियार उठा लिए थे. एक कहानी के अनुसार एक बार सुरक्षाबलों से हुई झड़प में सेना के जवानों ने बुरहान के भाई को पीट दिया था. जिसके बाद बुरहान वानी आतंकी सगठन हिजबूल मुजद्दीन में शामिल हो गया था.

आतंकी बुरहान वानी, फोटो सोर्स – गूगल

महज 21 की उम्र आते-आते बुरहान वानी घाटी का ‘पोस्टर बॉय’ बन चुका था. तकनीकी समझ रखने वाला और सोशल मीडिया के प्रति उसके लगाव ने उसे कश्मीर के युवा वर्ग के बीच काफी चर्चित बना दिया. अलग-अलग बंदूकों के साथ तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर करना बुरहान का शौक था. उसके इस शौक ने उसे खूब प्रसिद्धी दिलाई. खास कर घाटी का नौजवान युवा वर्ग बुरहान वानी के स्टारडम से काफी प्रेरित होने लगा था . जिसके चलते दक्षिण-कश्मीर के कम से कम 20 नौजवानों ने हथियार उठा लिए थे.

बुरहान वानी घाटी का पहला ऐसा आतंकी था जिसने खुल के अपनी पहचान लोगों के सामने रखी. इससे पहले आतंकी अपनी पहचान छुपा कर सक्रिय रहा करते थे.

बुरहान वानी का एनकाउंटर

8 जुलाई की शाम को सुरक्षाबलों को इन्फॉर्मेशन मिली कि बुरहान वानी कोकरनाग के पास बमडूरा गांव के एक मकान में रुका हुआ है. उसके पास ज्यादा हथियार नहीं हैं. इन्फॉर्मेशन पक्की थी इसीलिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को पहले ही उस गांव के पास बुलवा लिया गया था. जिसके बाद सेना के 100 और एसओजी(special operation group) के 36 जवानों ने मिलकर कोकरनाग को घेर लिया. बुरहान वानी को बाहर निकालने के लिए सुरक्षाबलों ने घर में आग लगा दी. आग से बचने के लिए बुरहान वानी घर के बाहर निकला. बाहर घात लगाए बैठे सुरक्षाबलों ने बुरहान वानी को गोली मार कर ढे़र कर दिया.

भारतीय सुरक्षाबल , फोटो सोर्स – गूगल

इस मुठभेड़ में आतंकी बुरहान वानी के 2 और साथी आतंकी परवेज़ और सरताज भी मार गिराए गए थे. करीब डेढ़ घंटे तक चले इस ऑपरेशन के खत्म होने के बाद अधिकारियों द्वारा आतंकी बुरहान वानी की मौत की आधिकारिक पुष्टि की गई.

बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद घाटी के हालत बहुत खराब हो गए थे. जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे थे. चार महीनों तक सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच चले संघर्ष में 85 लोग मारे गए थे. कई जगह ये प्रदर्शन इतनी उग्र हुए की सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा. जिसमें सैकड़ो लोग घायल हुए थे.

आतंकी बुरहान वानी की शवयात्रा में उमड़ी भीड़, फोटो सोर्स – गूगल

बुरहान वानी की मौत की तीसरी बरसी पर अलगाववादियों ने कश्मीर बंद का आवाहन किया 

बुरहान वानी के मौत के दिन को अलगाववादी बरसी के तौर पर मानते हैं. अलगाववादी नेताओं ने सोमवार को कश्मीर बंद का आवाहना किया है. सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मुहम्मद यासीन मलिक की अगुवाई वाले अलगाववादी दलों के एक समूह (जेआरएल) ने लोगों से अपील की है कि वे ‘बुरहान वानी की शहादत’ याद रखने के लिए सोमवार को कश्मीर बंद करें. मामले की गंभीरता को देखते हुए सेना और प्रशासन ने घाटी की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस अधिकारियों ने रविवार को अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और शोपियां जिले में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है. पुलिस सूत्रों ने कहा, “घाटी में कानून और व्यवस्था सुचारु रूप से बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे”.

 

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कि, बुरहान वानी की बरसी के दिन शांति बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सारे इंतजाम किए गए हैं. वहीं 1 जुलाई से शुरू हुई और 15 अगस्त को खत्म होने वाली अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए जम्मू -श्री नगर राजमार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है. ये राजमार्ग दक्षिण-कश्मीर के कुलगाम, अतनंतनाग और पुलवामा जैसे संवेदनशील इलाको से होकर गुजरता है. जिसकी सुरक्षा के लिए हाइवे पर भारी तदात में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है.

अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात जवान , फोटो सोर्स – गूगल

दूसरी तरफ अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा और कड़ी कर दी गयी है. आने-जाने के रास्तों पर बने शिवरों की सुरक्षा में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए है. अमरनाथ यात्रियों के काफिलो पर पैनी नज़र रखी जा रही है. दक्षिण-कश्मीर में प्रदर्शन की संभावनाओ के चलते एहतियातन 1 दिन के लिए अमरनाथ यात्रा रोक दी गयी है. जो मंगलवार को फिर से शुरू हो सकती है.