पुलिस वालों पर हम लोग अलग-अलग राय कायम तो कर लेते है। कुछ कहते हैं कि, पुलिस वाले एक्शन नहीं लेते तो कभी कहते हैं तमीज़ से पेश नहीं आते और ज़्यादातर सब यही कहते हैं कि पुलिस कुछ नहीं करती है। लेकिन एक खबर केरल से आई है। जिसे सुनकर आपको एहसास होगा कि हमारे पुलिस डिपार्टमेन्ट में ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं, जो आज भी न्याय के लिए कुछ भी कर गुजरतें है।

दरअसल केरल के कोल्लम में वहाँ की डीसीपी मरीन जोसफ ने ऐसा केस सॉल्व किया है, जिसको लेकर उनकी खूब तारीफ हो रही है। तारीफ होनी भी चाहिए। केरल के कोल्लम में एक शख्स दो साल पहले 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म करके सऊदी अरब भाग गया था। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद उसका कोई अता-पता नहीं था। ऐसे में 29 साल की आईपीएस अफसर मेरिन जोसफ ने आरोपी को सऊदी अरब जाकर गिरफ्तार किया और भारत लेकर आयीं।

मरीन जोसफ, फोटो सोर्स- गूगल

मामला 2017 का है। 13 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाला सुनील कुमार सऊदी से केरल छुट्टियाँ मनाने आया था। जिसने अपने दोस्त की ही भांजी के साथ रेप किया था। जिसके बाद बच्ची ने अपने घर पर इस बारे में बताया और फिर उसके परिवार वालों ने पुलिस में केस दर्ज करवाया। लेकिन इससे पहले पुलिस उसे पकड़ पाती, वो भारत से फरार हो गया था। उसके बाद सुनील के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हुआ। लेकिन लुकआउट जारी करने के बावजूद भी कोई फायदा नहीं हुआ और केस पेंडिंग ही रह गया। इस बीच बच्ची को कोल्लम के कारीडोड़ में सरकारी महिला मंदिरम रेस्क्यू होम में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां उस बच्ची ने जून 2017 में खुदकुशी कर ली।

2019, जून के महीने में इस केस में एक नया मोड़ आया, जब मरीन जोसफ ने इस केस का चार्ज अपने हाथों में लिया। उनकी नजर इस केस पर तब पड़ी जब उन्होंने महिलाओं और बच्चों से जुड़े पेंडिंग केसेज़ की फाइल्स मंगवाई। जब उनको इस केस के बारे में पता चला तो इसके तुरंत बाद उन्होंने इस केस पर आगे कार्यवाही करने के आदेश दिये।

मीडिया से हुई बातचीत में मरीन जोसफ बताती हैं कि –

जब मुझे इस केस के बारे में पता चला, तब आरोपी को फरार हुए 2 साल हो चुके थे। फिर मैंने मेरी टीम के साथ कार्यवाही शुरू की। जिसमें सीबीआई और इंटरपोल भी शामिल थे। काफी पेपर वर्क के बाद, उसे वापस लाने के लिए कई दस्तावेज तैयार किए गए। उसके बाद मैंने खुद सऊदी जाने का फैसला किया। मैं महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों के दोषियों को सजा दिलाने की शौकीन हूं।

बालात्कारी सुनील, फोटो सोर्स:गूगल

अब ये तो सिर्फ एक केस की बात है लेकिन हमारे पुलिस डिपार्टमेंट को मरीन जोसफ जैसी बहादुर और कर्मठ पुलिसकर्मियों की जरूरत है। अगर देखा जाये तो हमारे देश को ऐसे और पुलिस कर्मियों की जरूरत है, जो सच में भारत में सुधार लाना चाहते हैं। जिस तरह से बच्चियों के बलात्कार के मामले हमारे देश में बढ़ते जा रहे हैं, उसे देख कर ये साफ है कि देश में बदलाव की बहुत सख्त जरूरत है। आए दिन कोई न कोई बलात्कार की खबर सुनने में आ जाती है।

न जाने बलात्कार के ऐसे कितने केसेज़ हैं जिनकी फाइल्स सालों से पुलिस थानों में धूल खा रही हैं। शायद ऐसे और केसेज़ देश में सॉल्व हों तो लोगों को थोड़ी समझ आए और उनमें सरकारी व्यवस्थाओं के प्रति विश्वास जगा सकें।

हम रोज महिलाओं और बच्चियों से जुड़े 4 से 5 केसेज़ ऐसे सुनते हैं और रोज अफसोस करके उनकी निंदा करते हुए आगे बढ़ जाते हैं। अब आप सोचेंगे कि हम कर भी क्या सकते हैं। हम कर सकते हैं और सिर्फ हम ही कर सकते हैं। जरूरत है इस पर बात करने की। ज़रूरत है हमारे समाज में गिरते हुए मानसिक स्तर को ठीक करने की। इन सब के साथ मरीन जोसफ जैसी ईमानदार और हिम्मतवाले पुलिस कर्मियों की। जो इंसाफ के लिए किसी भी हद तक जाने का हौसला रखते हैं और हमारे देश में ज़िंदादिली आज भी ज़िंदा है, इस बात का एहसास कराते हैं।

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