हर साल बाबा अमरनाथ की यात्रा होती है। यात्रा में लाखों भक्त भी शामिल होते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किया जाता है जिससे सभी श्रद्धालु आराम से यात्रा कर सके। इस बार भी इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कश्मीर हाईवे को बंद करने का फैसला लिया। जिस पर इस कदर राजनीति भसड़ शुरु हुई जो शायद ही इतना जल्दी शांत होगा। Image result for अमरनाथ यात्रा फोटोस

पूरी ख़बर शुरू से जानते हैं

कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ़्ती ने सरकार के इन नियमों पर ऐतराज़ जताते हुए कहा कि, “हम अमरनाथ यात्रा का समर्थन करते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कश्मीर के आम लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।“
मुफ़्ती के इस बयान के बाद चारों तरफ अलग ही माहौल बन गया है। और धर्म के ठेकेदारों ने उनकी यह बात आस्था के खिलाफ़ बता कर हंगामा खड़ा कर दिया है। अब इस बात पर बवाल इसलिए भी मच रहा है क्योंकि यह सुरक्षा व्यवस्था हर साल होती है और हर साल आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब इसे परेशानी भी नहीं कह सकते क्योकि कश्मीर के लिए यह एक तरह का पर्व ही है जिसका हर साल आयोजन होता है। इस बात को महबूबा मुफ्ति को समझना चाहिए। लेकिन अगर महबूबा इस बहाने  बीजेपी को टारगेट करना चाहती हैं तो यह उनका निजी विचार है। और उनका यह विचार कही न कही धर्म के खिलाफ़ जाता दिखाई दे रहा है। Image result for अमरनाथ यात्रा फोटोस
इस दौरान ‘पीडीपी’ पार्टी की अध्यक्ष ‘महबूबा मुफ्ती’ के ऊपर एक बार फिर से हुर्रियत नेताओं से बातचीत करने की धुन सवार कर ली है। उन्होंने कहा कि, “हुर्रियत का उदारवादी समूह कह रहा है कि वह इस मामले पर बातचीत के लिए तैयार है। जब हुर्रियत नेता बात करने के लिए तैयार हैं तो, केंद्र सरकार को भी उनके दिए इस अवसर पर गौर करना चाहिए।“Image result for महबूबा मुफ्ती
दरअसल, आतंकी बुरहान वानी के बरसी मनाने के लिए घाटी में बंद का ऐलान किया गया था जिसके बाद ही यह सियासी विवाद शुरु हुआ। घाटी के हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं। जम्मू कश्मीर के अलगाववादी संगठन के ‘ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशीप’ (जेआरएल) ने इस बरसी को मनाने के लिए हाईवे को बंद करने का निर्णय लिया था। इसलिए मुफ़्ती के साथ-साथ उमर अब्दुल्लाह ने भी मुफ़्ती की बातों में हां में हां मिला दी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’ के वाइस प्रेसिडेंट उमर अब्दुल्ला ने अमरनाथ यात्रा के समय नेशनल हाईवे बंद करने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘ हमें भी यात्रियों की सुरक्षा की चिंता है लेकिन 30 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान नेशनल हाईवे को आने-जाने के लिए बंद किया गया है।

अमरनाथ यात्रा शुरु होने से पहले ही खुफियां एजेंसी ने केन्द्र सरकार को चेतावनी दी थी कि इस बार दो-दो आंतंकी संगठन अमरनाथ यात्रियों के ऊपर हमला करने की साज़िश रच रहे हैं। ऐसे में अगर सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया है तो इसमें कहीं से भी कुछ गलत नहीं हैं। अब अगर सरकार के इस फैसले से महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को ऐतराज हो रहा है तो यह उनकी मानसिकता को दिखाता है।

वैसे भी जिस आम जनता की परेशानियों को लेकर महबूबा मुफ्ति और उमर अब्दुल्ला सरकार के फैसले के खिलाफ़ हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि सरकार यात्रियों और कश्मीर के लोगों की सुरक्षा को लेकर ही यह कदम उठाया है। अगर किसी तरह की कोई घटना हो जाती है तब उस वक्त केवल यात्री ही नहीं बल्कि वहां के लोगों को भी परेशानियां झेलनी पड़ेगी। इसलिए सरकार द्वारा सुरक्षा को लेकर लिया गया यह फैसला सिर्फ यात्रियों के लिए हीं नहीं बल्कि वहां की आम जनता के भी हीत में हैं। ऐसे में सरकार के  इस फैसले की सरहाना करनी चाहिए।

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