सफेद रंग के कुर्ते और पैजामे के साथ सिर पर टोपी, चारों तरफ सुकून ही सुकून था। सभी एक-दूसरे के गले मिल रहे थे, मुबारकबाद दे रहे थे। कोई सेल्फी लेने में व्यस्त था तो कोई सोशल मीडिया पर पोस्ट करने में। सबके चेहरों पर खुशी तो थी लेकिन, साथ ही साथ कुछ लोगों के दिमाग में कई तरह के सवाल भी उठ रहे थे। कश्मीर को लेकर तो सवाल उठ ही रहे थे लेकिन, इस बीच एक ऐसे वीडियो के बारे में बात चल रही थी जो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

बकरीद के एक दिन पहले ही ख़बर आई कि घाटी में जो कर्फ्यू लगा है उसमें थोड़ी ढिलाई दी गई है ताकि लोग अच्छे से तैयारी कर सके। फिर बकरीद के दिन की तस्वीरें भी सामने आई जिसमें लोगों को नमाज पढ़ते देखा गया। इन सब के बावजूद एक वीडियो पूरा दिन खासा चर्चा में रहा। करीब एक मिनट के इस विडियो में कुछ लोग सफेद कपड़े पहने हुए दिखाई दे रहे हैं।

‘भारत माता की जय’ की ऑडियो वाली इस विडियो में आगे चल रहे है दो जवानों के हाथों में तिरंगा दिखाई दे रहा है। इसी विडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की बाते चल रही थी। कुछ लोगों ने यह दावा किया है कि कश्मीर में जब कर्फ्यू को लेकर थोड़ी ढ़िल दी गई तो लोगों ने इसका सर्मथन कुछ इस तरह से किया। जिसके बाद बीबीसी ने इस विडियो का फैक्ट चेक किया। विडियो की सच्चाई क्या है उसको जानने से पहले आप भी वो विडियो देखिए।

क्या है विडियो की सच्चाई?

जब इस विडियो की सच्चाई के बारे में जानने की कोशिश की गई तो सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला विडियो फरवरी 2019 का निकला। इस विडियो में दिख रहे लोग वोहरा समुदाय के लोग हैं, कश्मीरी नहीं। यह विडियो बंगलुरु शहर का है। इसका घाटी से कोई संबंध नहीं है। यह विडियो लिंडा न्योमाई नाम की एक ट्वीटर यूजर ने 19 फरवरी 2019 को ट्वीट किया था। ट्वीर पर लिंडा का प्रोफाइल चेक किया गया तो पता चला कि लिंडा भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं और बीजेपी के एसटी मोर्चा की सदस्य भी।

जैसा की आप उपर के विडियो में साफ देख सकते हैं कि विडियो ट्वीट करते हुए लिंडा ने कैप्शन में लिखा है-

 “सीआरपीएफ़ के शहीद जवानों की याद में बोहरा मुसलमानों ने बेंगलुरु के बनेरगट्टा रोड इलाक़े में एक शोभा-यात्रा निकाली।”

14 फरवरी को पुलवामा हमला हुआ था जिसमें 40 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। इसी को लेकर भारत के कुछ शहरों में मुसलमानों द्वारा शोभायात्रा निकाली गई थी जिसमें बंगलुरु और मुंबई भी शामिल था।

जुलूस  में शामिल मुसलमान कौन है?

विडियो के कैप्शन से पता चलता है कि ये बोहरा मुसलमान हैं जो गुजरात और महाराष्ट्र के में रहने वाले एक सफल व्यापारी समुदाय माने जाते हैं। यह समुदाय मुख्य रुप से पैगंबर मोहम्मद का वंशज कहलाता है। पिछले साल पीएम मोदी इनके मौजूदा सर्वोच्च धर्मगुरु सैय्यदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन से मिलने इंदौर पहुँचे थे।  जहां वे 6 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक रुके थे।

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