वर्ल्ड कप का 12वां सीजन खत्म हो गया है। इंग्लैंड की टीम पहली बार विजेता बनकर उभरी है। आखिरकार 44 साल का सुखा समाप्त हो गया। विश्व कप खत्म होने के बाद आईसीसी ने अपनी एक टीम बनाई जिसको लेकर खूब बवाल हुआ। क्योंकि आईसीसी ने विश्व के जिन खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया उसमें विराट कोहली की ही जगह नहीं थी। और उस टीम में धोनी के लिए भी कोई जगह नहीं थी। आईसीसी की चुनी टीम में केन विलियमसन को कप्तान बनाया गया है। आईसीसी ने जब अपनी टीम का चुनाव किया तो ऐसा माना गया कि विश्व कप में जिस तरह का प्रदर्शन खिलाड़ियों ने किया है उसके आधार पर यह टीम बनाई गई है। क्योंकि इस टीम में भारत के केवल दो खिलाड़ियों का ही नाम था रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह।

आईसीसी के बाद सचिन तेंदुलकर ने भी विश्व कप के लिए अपनी फेवरेट टीम चुनी है। इस टीम में कई हैरान करने वाली बातें थी। लेकिन एक तरह से देखा जाए तो यह फैसला प्रदर्शन के आधार पर बिल्कुल सही है।

कौन-कौन है सचिन की टीम में?

इस टीम की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात है कि विराट और धोनी को सचिन ने टीम में जगह नहीं दी है। साल 2011 में विश्व कप को जिता कर सचिन के साथ करोड़ों भारतीयों के सपनों को पूरा करने वाले धोनी को जगह नहीं देना वाकई हैरान कर देने वाली बात है। इसके बाद अपनी टीम में सचिन ने विराट कोहली को शामिल तो किया है लेकिन उन्हें टीम का कप्तान नहीं बनाया है। इसका साफ मतलब है कि विश्व कप में जिस तरह की कप्तानी विराट कोहली की तरफ से देखने को मिली, उससे तो यही लग रहा है कि सचिन उनकी कप्तानी से खास नाराज हैं। सचिन ने अपनी टीम की कप्तानी केन विलियमसन के हाथों में दी है। सचिन की इस टीम में पांच भारतीयों को जगह मिली है। विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, रवीन्द्र जडेजा और हार्दिक पाण्ड्या।

सचिन की टीम में किसको क्या जिम्मेदारी?

सचिन ने वर्ल्ड कप की अपनी जो फेवरेट टीम चुनी है उसमें टीम की ओपनिंग बल्लेबाजी की जिम्मेदारी रोहित शर्मा और जोस बटलर को दी है। इसके बाद केन विलियमसन का नंबर आता है। विलियमसन के बाद चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए सचिन, विराट कोहली को देखना चाहते हैं। विराट के बाद सचिन ने चार ऑलराउंडर को अपनी टीम में जगह दी है। जिसमें बल्लेबाजी के क्रम में शाकिब अल हसन, बेन स्टोक्स, हार्दिक पाण्ड्या और रवीन्द्र जडेजा शामिल हैं। इसके बाद टीम में तीन तेज गेंदबाजों को जगह मिली है। जसप्रीत बुमराह, जोफ्रा आर्चर और मिचेल स्टार्क।

2011 मेंं विश्व कप जीतने के बाद सचिन के साथ टीम का जश्न, फोटो सोर्स: गूगल
2011 मेंं विश्व कप जीतने के बाद सचिन के साथ टीम का जश्न, फोटो सोर्स: गूगल

सचिन की इस टीम में धोनी को जगह ना मिलने से कुछ लोग हैरान हैं तो कुछ लोग इसे सही बता रहे हैं। क्योंकि इस विश्व कप में धोनी अपनी धीमी बल्लेबाजी की वजह से सभी के निशाने पर रहे थे। फिनिशर के तौर पर भी धोनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। कुछ लोगों का कहना था कि धोनी के उपर उम्र हावी हो गयी है। अफगानिस्तान के खिलाफ धोनी की खेली गई पारी की आलोचना सबसे ज्यादा हुई थी। सेमीफाइनल में धोनी एक बार फिर फिनिशर की भूमिका नहीं निभा पाए थे।