20 मई 2019 की टाइम्स मैगज़ीन के एडिशन में इस बार कवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर छापी गयी है। मोदी पर ये स्टोरी करने वाले आतिश तासीर ने मोदी को इंडिया का डिवाइडर इन चीफ बताया है और सवाल पूछा है कि क्या भारत अभी और 5 साल इस सरकार को झेलने के लिए तैयार है?

टाइम्स कवर 2019, फोटो सोर्स: गूगल

अपने इस आर्टिकल में आतिश ने कहा है कि :

“दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र इससे पहले कभी इतना विभाजित नहीं हुआ।”

इस रिपोर्ट में अभी तक की जानकारी के हिसाब से जिन विषयों पर बात की गयी है, उनमें मॉब लिंचिंग, 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का चुना जाना और भोपाल में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को चुनाव के मैदान में उतारने का भाजपा का फैसला भी शामिल है।

इस कहानी पर विपक्ष ने भी अपना पक्ष रखा। कांग्रेस के महिला विंग ने इस स्टोरी के आधार पर मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि ‘your truth is for all to see’ ‘आपकी सच्चाई सभी को देखने के लिए है।’

ये स्टोरी विपक्ष के लिए भी काफी कुछ कहती है। विपक्ष को इस स्टोरी में ‘कमजोर’, ‘रैगटैग’ गठबंधन कहा गया है। आतिश का कहना है कि ‘Congress has little to offer than the dynastic principle’ ‘कांग्रेस के पास वंशवाद सिद्धांत की तुलना में कम पेशकश’ है और राहुल गांधी को ‘एक अछूत मध्यस्थता’ के रूप में दिखाता है।

ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले टाइम्स के कवर पेज पर नहीं आए हैं। टाइम्स के 18 मई 2015 के कवर पर हेडलाइन बीजेपी के लीडर यानि नरेंद्र मोदी के साथ इंटरव्यू की थी। ये वो दौर था जब सभी को मोदी से उम्मीद थी कि शायद देश को जिस बदलाव की ज़रूरत है उसे भारतीय जनता पार्टी पूरा कर पाएगी। उस स्टोरी में मोदी का ऐसा ही एक इंटरव्यू था।

टाइम्स कवर 2015, फोटो सोर्स: गूगल

तब भाजपा ने यूपीए की सरकार को ज़बरदस्त शिकस्त दे कर सत्ता संभाली थी और आज 2019 में वो फिर से उत्तरप्रदेश के वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

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