विश्व कप शुरु होने से पहले साउथ अफ्रीका को एक प्रबल दावेदार के रुप में देखा जा रहा था। जब भी टॉप चार टीमों की बात हो रही थी तो साउथ अफ्रीका भी इंग्लैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बाद था। लेकिन साउथ अफ्रीका का अभी तक का सफर उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत हुआ है। विश्व कप में खेले गए अभी तक अपने तीनों मैच साउथ अफ्रीका हार गई है। ऐसे में टीम पर सवाल उठने शुरु हो गए है। टीम की बैटिंग से लेकर बॉलिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। इंग्लैंड और भारत से मैच हारना समझ आता है लेकिन बंग्लादेश के खिलाफ अगर मैच आप हार जाते हैं तो यह काफी सोचने वाली बात है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि टीम को एबी डिविलियर्स की कमी खल रही है।

ए बी डिविलियर्ल, फोटो सोर्स: गूगल
ए बी डिविलियर्ल, फोटो सोर्स: गूगल

डिविलियर्स के सन्यास लेने के बाद अब टीम का मध्यक्रम वैसा नहीं रहा जैसा डिविलियर्स के समय में हुआ करता था। अब जरा सोचिए, अगर डिविलियर्स इस बीच कह दें कि टीम के लिए मैं खेलना चाहता था लेकिन टीम मैनेजमेंट ने मेरे प्रस्ताव को नाकार दिया, तो क्या होगा? जी हां, एबी डिविलियर्स साउथ अफ्रीका टीम की तरफ से विश्व कप में खेलना चाहते थे लेकिन अफ्रीकी बोर्ड ने उन्हें मना कर दिया।

फोटो सोर्स: गूगल
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विश्व कप के लिए टीम की घोषणा होने से एक दिन पहले एबीडी ने बोर्ड के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि वह विश्व कप में अपनी टीम के लिए खेलना चाहते थे। लेकिन बोर्ड ने एबीडी के प्रस्ताव को इसलिए नकार दिया क्योंकि उन्हें संन्यास से वापस बुलाने पर कई और चीजों पर असर पड़ सकता था। और तो और अगर एबीडी को टीम में जगह दे दी जाती तो यह फैसला उन खिलाड़ियों के हक में नहीं होता जो टीम के साथ पिछले एक साल से हैं।

साउथ अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस और कोच लिंडा जोंडि। फोटो सोर्स: गूगल
साउथ अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस और कोच लिंडा जोंडि। फोटो सोर्स: गूगल

कप्तान और कोच के सामने रखा था प्रस्ताव

एबी डिविलियर्स ने सन्यास के बाद वापसी का प्रस्ताव साउथ अफ्रीकी कप्तान फॉफ डु प्लेसिस, मुख्य कोच ओटिस गिब्सन और चयनकर्ताओं के संयोजक लिंडा जोंडि के सामने रखा था। लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उनके इस प्रस्ताव को नकार दिया था। विश्व कप की शुरुआती दो मैच हारने के बाद क्रिकेट के जानकारों ने कहा था कि टीम में एबी डिविलियर्स का होना जरुरी है लेकिन, टीम उसी आखिरी ग्यारह लोगों साथ भारत के खिलाफ उतरी और नतीजा एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा।

कोच लिंडा जोंडि ने किया बड़ा खुलासा

टीम मैनेजमेंट और बाकि सारी खबरें एबी डिविलियर्स के टीम में नहीं चुने जाने का चाहे जो भी कारण बता रही हो लेकिन साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच लिंडा जोंडि ने जो कहा है उसमें सच्चाई भी है और तर्क भी। दरअसल साल 2018 में जब डिविलियर्स ने संन्यास लेने का फैसला किया तब यह कहा जा रहा था कि डिविलियर्स अपनी मर्जी से चुनते हैं कि उन्हें कब खेलना है, और कब नहीं, जो कि सच नहीं था। लिंडा जोंडि ने कहा-

“मैंने उन्हें कहा था कि अगर उन्हें विश्व कप में खेलना है तो श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेलना होगा। तभी उनके विश्व कप के चयन पर विचार किया जाएगा। लेकिन उन्होंने घरेलू सीरीज में खेलने के बजाय पाकिस्तान और बंग्लादेश प्रीमियर लीग खेलने का फैसला किया। उन्होंने फैसले को ठुकरा दिया और कहा कि वह अपने रिटायरमेंट के फैसले से खुश हैं।”

फोटो सोर्स: गूगल
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अब साउथ अफ्रीका के बोर्ड का यह फैसला भले ही उसे विश्व कप में काफी नुकसान दे सकता है लेकिन यह एक तरह से देखा जाए तो सही भी है। अगर कोई खिलाड़ी देश के लिए खेलने के बजाय पाकिस्तान और बंग्लादेश में होने वाले लीग मैचों में खेले तो सीधी बात है उस खिलाड़ी को देश के लिए खिलाना मतलब देश के उन तमाम खिलाड़ियों के साथ धोखा हुआ जो विश्व कप में खेलने का सपना देख रहे हैं। और वैसे भी एबी डिविलियर्स का अंतराष्ट्रीय मैचों से संन्यास लेने का फैसला खुद का था न कि किसी दवाब में लिया गया था।

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