21 जुलाई 2009, आईपीएल का मैच चल रहा था। आरसीबी-डेकेन चार्जर्स की टीम आमने-सामने थी। तभी मैदान में एक 21 साल का भारतीय क्रिकेटर कदम रखता है। वह टीम और दर्शकों के लिए एक गुमनाम था इसलिए लोगों ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी और फिर वह खिलाड़ी बैटिंग करने लगा। मैच धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा और देखते ही देखते लोगों की नज़र उस खिलाड़ी पर जाकर टिक गई जो अभी अपना अर्ध शतक लगा चुका था। फिर मैच आगे बढ़ता गया और जब मैच खत्म हुआ तब तक वह खिलाड़ी 73 गेंदों पर 114 रनों की पारी खेल चुका था। पूरा स्टेडियम उसके नाम से गूंज रहा था। जिधर देखो एक ही नाम सुनाई दे रहा था मनीष पांडे! मनीष पांडे!

आईपीएल में शतक के दौरान मनीष पांडे, फोटो सोर्स: गूगल
आईपीएल में शतक के दौरान मनीष पांडे, फोटो सोर्स: गूगल

उस मैच में मनीष पांडे पहले भारतीय क्रिकेटर बने थे जिन्होंने आईपीएल में शतक लगाया। वैसे विश्व के दूसरे खिलाड़ी बने थे क्योंकि आईपीएल सीजन-1 के पहले ही मैच में ब्रैंडन मैकुलम 158 रनों की पारी खेल चुके थे। उस मैच के बाद मनीष पांडे का नाम हर किसी की जुबान पर आ गया। एक वो दिन था और एक आज का दिन है पर मनीष पांडे अभी तक टीम इंडिया में जगह नहीं बना पाए हैं।

10 सिंतबर 1989 को नैनीताल में जन्में मनीष पांडे आज 30 साल के हो गए हैं। ऐसे में एक क्रिकेटर के तौर पर देखा जाए तो उनके पास 8 से 10 साल का क्रिकेट करियर और बचा है लेकिन, जिस खिलाड़ी को साल 2010 तक टीम इंडिया में आ जाना चाहिए वो आज भी अपनी जगह बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है, तो इस बात पर थोड़ी हैरानी जरुर होती है। पिता कृष्णानंद पांडे आर्मी में अधिकारी हैं तो उनका ख्वाब था कि मनीष आर्मी ज्वॉइन करें। मनीष पांडे का भी मन था लेकिन, किस्मत ने उन्हें एक क्रिकेटर बना दिया। पहले राजस्थान और कर्नाटक के लिए मैच खेलने वाले मनीष पांडे के लिए शायद 2019 कुछ ठीक चल रहा है। इस समय मनीष पांडे टीम इंडिया के एक महत्वपूर्ण बल्लेबाज हैं।

मनीष पाांडे, फोटो सोर्स: गूगल
मनीष पाांडे, फोटो सोर्स: गूगल

हाल ही में दक्षिण अफ्रीका A के खिलाफ खत्म हुई सीरीज में शुरुआती तीन मैचों के लिए उन्होंने भारत A की कप्तानी भी की थी। उनकी कप्तानी में भारत A ने तीनों मैच जीते थे। टीम में अहम खिलाड़ी के तौर पर अगर इस वक्त उन्हें गिना जा रहा है तो उसके पीछे 2018 का आईपीएल भी है। जिसमें मनीष पांडे को हैदराबाद की टीम ने 11 करोड़ में खरीदा था और उस सीजन में वह अपने टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे।

मनीष पांडे ने अपना पहला वन-डे मैच 14 जुलाई 2015 को जिम्बांबे के खिलाफ हरारे में खेला था। मनीष पांडे अभी तक केवल 23 वन डे मैच ही खेल पाए हैं जिसमें उन्होंने 36.66 के औसत से 91.85 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 440 रन बनाए हैं। वन डे में उनके नाम एक सेंचुरी और दो हाफ सेंचुरी भी है। वहीं, 31 टी-20 इंटरनेशनल्स की 26 पारियों में मनीष ने 37.66 के औसत और 121.50 की स्ट्राइक रेट से 565 रन बनाए हैं। इनमें 11 बार वे नॉट-आउट रहे हैं और दो बार हाफ सेंचुरी भी लगाई है। अपने पहले आईपीएल शतक के 6 साल बाद मनीष को टीम इंडिया में जगह मिली लेकिन ज्यादा मौके नहीं मिल पाएं।

मनीष पांडे एक बेहतरीन फिल्डर भी है
नीष पांडे एक बेहतरीन फिल्डर भी है

फिलहाल मनीष पांडे के लिए एक अच्छी खबर ये आ रही है कि भारत के नए बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ वन डे क्रिकेट में मनीष पांडे को चौथे नंबर के लिए एक बेहतर विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। ऐसे में सलेक्टर्स ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज में भी शामिल करने का मन बनाया है। आज इस खिलाड़ी का जन्मदिन है। ऐसे में यही उम्मीद की जा रही है कि मनीष पांडे का यह 30वां बर्थडे उनके लिए कुछ अच्छी खबर लेकर आएगा।

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