देश में जम कर चालान काटे जा रहे हैं. पुलिस वाले तो बिल्कुल फील गुड वाले माहौल में चले गए है. कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं चालान काटने का. पर लोग भी कम खुराफाती थोड़े हैं. रोज़ इससे बचने का कोई न कोई जुगाड़ कर ही लेते हैं. कभी पुलिस को देखते ही मोटर साइकिल से उतर कर उसे लुढ़काने लगते हैं तो, कभी कार के अंदर ही हेलमेट लगा लेते हैं. कितनों ने तो डर के मारे पुलिस वालों के ऊपर ही गाड़ी चढ़ा दी है.

अब लोग डरे नहीं तो क्या करें? ज़रा-ज़रा सी बात पे हज़ारों-लाखों का चालान काटा जा रहा है. मानों सरकार सारी मंदी की भरपाई चालान काट कर ही कर लेगी. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर खूब मीम्स बनाए जा रहे हैं. चालान के पैसे देने के नए-नए तरीके बताए जा रहे हैं. जिसमें किडनी बेचने से लेकर किश्तों में पैसे चुकाने के तक के उपाय शामिल हैं.

इसी से अब ट्रैफिक पुलिस भी इंस्पायर हो गई है. उसने चलान काटने और लोगों के पैसे बचाने का एक नया तरीका ढूंढ लिया है.

ओडिशा में हेलमेट बांटती पुलिस, फोटो सोर्स: ANI
ओडिशा में हेलमेट बांटती पुलिस, फोटो सोर्स: ANI

मामला जान लीजिए

चालान से लोगों को राहत देने के लिए ओडिशा पुलिस ने एक अनोखा तरीका अपनाया है. ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पुलिस दोपहिया वाहन (मोटर साइकिल, स्कूटर) चालक को हेलमेट दे रही है.

दरअसल, जिन चालकों के पास हेलमेट नहीं, पुलिस उनका चलान नहीं काट रही है. बल्कि, उनसे 500 रुपये लेकर उन्हें हेलमेट दे रही है. इसके अलावा ट्रैफिक नियमों का पालन करने वालों को थैंक यू कार्ड दिया जा रहा है.

इस मुहिम की खूब तारीफ हो रही है

इस मुहिम की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है. साथ ही इसको लेकर सुझाव भी दिए जा रहे हैं. कोई कह रहा है, पुलिस हेलमेट के पैसे ले ले पर चालान नहीं काटे तो किसी का कहना है कि आरटीओ (Regional Transport Office) वाले सारे डॉक्युमेंट्स ऑनलाइन क्यों नही कर लेते हैं? ओडिशा पुलिस के इस कदम ने लोगों के बेहद राहत दी है.

1सितंबर 2019 से नए ट्रैफिक नियम लागू हो गए थे. तब से देश भर में ताबड़तोड़ चलान काटे गए हैं. कहीं 23000, 59000 तो कहीं 80,000 रुपये तक के चालान काटे गए हैं. इसको लेकर पूरे देश में हाय-तौबा मची हुई है.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

पुलिस वालों पर गाड़ी चढ़ाई जा रही हैै

लोग तो चालान से इतने डरे हुए हैं कि वो पुलिस वालों से बचने के लिए उन पर गाड़ी चढ़ाने तक से भी परहेज नहीं कर रहे हैं.

झारखांड की राजधानी रांची के चुटिया क्षेत्र में एक ऑटो चालक ने एक लाख रुपये का चालान कटने के डर से ट्रैपिक पुलिस अधिकारी के ऊपर ही गाड़ी चढ़ा दी. इसके अलावा नोएडा में कार पर डंडा मारने को लेकर हुई नोकझोंक में कार चालक की हार्ट अटैक से मौत हो गई.

मोदी सरकार को जल्दी बहुत रहती है. यही वजह है कि वह बिना तैयारी के ही कानून लागू कर देती है. पहले नोटबंदी और जीएसटी ने लोगों की कमर तोड़ दी और अब इस नए मोटर व्हीकल एक्ट ने. अगर सरकार ने इसे लागू करने से पहले जागरुकता अभियान चलाया होता तो, आज लोगों को इतनी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता. कानून तभी सफल होता है, जब उससे लोगों का भला हो न की केवल नुकसान.