राजनीति कर्म से नहीं धर्म से की जाती है.

ये लाइन आज की राजनीति में सटीक बैठती है जहाँ मुद्दा कर्म से ज़्यादा धर्म का हो गया है. यह डायलाग ‘नक्काश’ फिल्म का है जिसका ट्रेलर 8 मई को रिलीज़ हुआ. फिल्म की ट्रेलर की बात की जाए तो ट्रेलर में ये देखा जा सकता है कि फिल्म धर्म के इर्द-गिर्द घूमता नज़र आ रहा है. काशी के मंदिरों की कहानी बताता इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे मुसलमान पुरखों के वक़्त से मंदिरों के गर्भाशय में मूर्तियां बनाने का काम करते आ रहे हैं.

इस फिल्म का मेन कैरेक्टर है अल्लाह रक्खा सिद्दीकी जो एक विधुर है पर उसे मूर्तियां गढ़ने का हुनर आता है. उसके परिवार उसका एक बेटा है, जिसका नाम मोहम्मद है. उसका एक दोस्त भी है जिसका नाम समद है. अल्लाह रक्खा मंदिरों में मूर्ति बनाता है. अब भाई साहब ये तो इस्लाम में गुनाह है न ऐसा हम नहीं, इस्लाम को मानने वाले सोचते हैं जिसकी वजह से उसके बाकी के मुसलमान भाई इज़्ज़त नहीं करते।

दूसरी तरफ फिल्म के ट्रेलर में आप देख सकेंगे की हिन्दुओं का अलग ही ईगो है उनका कहना है कि मुसलमान के हाथों बनायी मूर्ति को पूजना पाप है. मतलब अब अल्लाह रक्खा सिद्दीक़ी न घर के रहे न घाट के. ट्रेलर में आप देख सकेंगे की सिद्दीकी को सिर्फ समाज ही नहीं दुत्कारता बल्कि कई बार पुलिस भी उसे प्रताड़ित कर चुकी है। मंदिर में उसे जाना भी मना हो जाता है इस लिए वह रात को छुप कर मंदिर में प्रवेश किया करता था इसके बावजूद कई बार वह लोगों के हाथ लग गया है जिन्होंने उसकी पिटाई कर दी है. एक ही भला मानुस इस फिल्म में आपको दिखेगा जो रक्खा का साथ देता है वह है मंदिर का ट्रस्टी. ट्रेलर में आप देख सकेंगे पुलिस वाले को ट्रस्टी ने काफी धाकड़ डायलाग भी मारा है

“आप अपनी थाली में आये अन्न को भी जांच के खाते होंगे कि इसे हिन्दू ने उगाया है या मुसलमान ने?”

यह फिल्म ज़ैग़म इमाम की है जो पत्रकार रह चुके हैं. जो लोग इन्हें नहीं जानते उन्हें बता दे की मार्च 2015 में इनकी पहली फिल्म आयी थी दोज़ख: इन सर्च ऑफ हेवन जिसकी काफी आलोचना की गयी थी। नक्काश को पहले कांस फिल्म फेस्टिवल में उतारा गया था जहाँ इसे काफी अच्छा रिस्पांस मिला, जिसके बाद भारत में इसे रिलीज़ करने के बारे में सोचा गया. फिल्म में तीन बड़े स्टार को लिया गया है इनामुलहक, कुमुद मिश्रा और शारिब हाशमी। अगर इन तीनों स्टार को आप पहचान नहीं पाएं हैं तो आपको एयरलिफ्ट, जॉली एलएलबी और फिल्मिस्तान देखनी पड़ेगी.

यह थी फिल्म के ट्रेलर की बात फिल्म के बारे में और कुछ जानने के लिए 31 मई 2019 को अपने नज़दीकी सिनेमा घरों में जाए। बाकी नीचे दिया गया एक सवाल है जिसका जवाब भी साथ में दिया है अगर आप इस बात से तालुक रखते हैं तभी इस पिक्चर को देखने जाए.

मोहम्मद- बाबा ये किसका घर है?
अल्लाह रक्खा सिद्दीक़ी- भगवान का
मोहम्मद- भगवान कौन है?
अल्लाह रक्खा सिद्दीक़ी- अल्लाह मियां के भाई