देश भर में लॉकडाउन चल रहा है. इस बीच लगभग प्राइवेट कम्पनियाँ खासकर आईटी सेक्टर की कम्पनियाँ वर्क फ्रॉम होम कर रही हैं. इसी को लेकर एक खबर आ रही है कि सरकार ने आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए व्रोक फ्रॉम होम की अवधि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है. कर्नाकट के डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने ट्वीट करके यह जानकारी साझा की.

उनके इस ट्वीट के तुरत बाद केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने सुधार करते हुए ट्वीट किया कि वर्क फ्रॉम होम को जुलाई तक बढ़ाया नहीं गया है, वीपीएन में राहत दी गयी है.

अब हुआ यह है कि, 28 अप्रैल को रवि शंकर प्रसाद ने सभी राज्यों के आई टी मिनिस्टर्स के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये एक मीटिंग की. उसी मीटिंग से ये सारी बातें निकलकर सामने आई.

मीटिंग में रवि शंकर प्रसाद ने वर्क फ्रॉम होम के कल्चर को पोप्युलर करने की बात भी की थी.

उन्होंने कहा कि हमें वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देना चाहिए. इसे लेकर कुछ दिक्कतें आ रही थी, जैसे मनी डिपोजिट और क्लियरेंस . इसमें हमने 30 अप्रैल तक की छूट दी थी. अब इस छूट को हमने 31 जुलाई तक बढाने का फैसला किया है.

उनकी इसी बात को लोगों ने गलत ढंग से ले लिया और समझा कि सरकार ने वर्क फ्रॉम होम को 31 जुलाई तक कर दिया है.