उत्तरप्रदेश में जल संसाधन, वन एवं पर्यावरण मंत्री उपेंद्र तिवारी ने रविवार को कहा कि हर बलात्कार की अलग प्रकृति होती है और शादीशुदा महिलाओं का बलात्कार अलग होता है. देश में बीते दिनों में बालात्कार के कई मामले सामने आए हैं. जिससे देश के नागरिकों में काफी गुस्सा है. गुस्सा जायज भी है. घटना को लेकर हर कोई अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है. यूपी सरकार के मंत्री ने तो बलात्कार में गजब का अंतर निकाल दिया है. मंत्री जी के हिसाब से नाबालिग और 30-35 साल के महिलाओं के रेप में अलग नेचर होता है.

उतर प्रदेश जल संसाधन, वन एवं पर्यावरण मंत्री उपेंद्र तिवारी (फोटो सोर्स गूगल)

मंत्री जी द्वारा कहा गया बलात्कार वाला अंतर भी जान लिजिए

एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा

‘रेप का अलग-अलग नेचर (प्रकार) होता है. अब जैसे कोई नाबालिग लड़की है, उसके साथ रेप हुआ है तो उसको तो हम रेप मानेंगे लेकिन, कहीं-कहीं यह भी सुनने में आता है कि विवाहित महिला है, उम्र 30-35 साल है.’

उन्होंने कहा,

‘कई बार सात-आठ साल से प्रेम संबंध चल रहा है, मगर आरोप लगाते हैं कि मेरे साथ रेप हुआ है तो यह आम सवाल होता है कि सात साल पहले इस बारे में सोचना चाहिए था. इसलिए अलग-अलग नेचर होता है रेप का.’

 

उपेंद्र तिवारी ने कहा,

‘हर रेप का अलग नेचर होता है. कई बार सात-आठ साल रिश्ते में रहने के बाद भी महिलाएं रेप का आरोप लगा देती हैं, ऐसा है तो सवाल तो उठेगा ही कि सात साल पहले क्यों नहीं कहा.’

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर मंत्री जी साक्षात्कार दे रहे थे. उन्होंने कहा कि उतरप्रदेश में कोई भी रेप की घटना होती है तो, मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ खुद मामले का संज्ञान लेते हैं.

आपको बता दें कि हाल में अलीगढ़ में एक छोटी बच्ची की निर्मम हत्या को लेकर काफी तनाव बना हुआ है. बच्ची के साथ रेप की भी आशंका जताई जा रही है. हलांकी, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टी नहीं की है. अलीगढ़ में ढाई साल की बच्ची की हत्या के बाद लोगों में जबर्दस्त गुस्सा है. इस मामले में लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. रविवार को इस मुद्दे पर टप्पल में धरना-प्रदर्शन भी हुआ था.

एक तरफ देश में अलीगढ़ में मासूम के साथ हुई नृशंस हत्या के खिलाफ लोगों में आक्रोश है तो, वहीं दूसरी ओर इसी मुद्दे पर उपेंद्र सिंह के बयान पर लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. वैसे किसी नेता के द्वारा ये बयान कोई नया नहीं हैं, इससे पहले भी मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि रेप के मामलों में फांसी नहीं होनी चाहिए, लड़कों से गलती हो ही जाती है.

मंत्री जी के बात से तो यही झलकता है कि अगर व्यक्ति की उम्र में अंतर हो और उसके साथ कोई अपराध होता हो तो अपराध करने वाली की क्रूरता में भी अंतर होगा. यानी किसी बच्ची या महिला से बलात्कार हो तो बालात्कार करने वाला पहले उम्र देखेगा फिर, बलात्कार करेगा. जी नहीं, ऐसा कहना गलत होगा. लगता है मंत्री जी कोई और ही विज्ञान पढ़ लिए है. शायद इन्हें पता नहीं है कि बलात्कार का कोई पैमाना नहीं होता है और न ही कोई कैटेगरी. यह कोई फ़िज़िक्स की थेओरी नहीं है जिसका कोई केरेक्टरस्टिक्स होगा. रेप एक अपराध है और उसे किसी भी तरह से कम या ज्यादा नहीं आंका जा सकता है. बलात्कारी सिर्फ इंसान के रूप में शैतान होता है. तो मंत्री जी से आग्रह है कि कृप्या करके पर्यावरण मंत्रालय की सुधार पर ध्यान केंद्रीत करें क्योंकी उत्तरप्रदेश का कानपुर शहर दुनिया के सबसे प्रदुषित शहरों में से एक है और बुंदेलखंड में पानी की समस्या से तो पुरा देश परिचित है. इसके अलावा अगर किसी मुद्दे पर ज्ञान बांटना भी है तो कृपया कर के दिमाग का भरपूर उपयोग करें।

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