पिछले तीन-चार दिनों से योगी सरकार की चर्चाएं कुछ ज्यादा ही हो रही हैं। केवल सरकार की नहीं बल्कि, यूपी की चर्चा हो रही है। वजह भी है कि उनकी चर्चा हो। क्योंकि इस मंदी के दौर में अगर आप अचानक ये कह देते हैं कि 25 हज़ार होमगार्ड्स को नौकरी से निकाला जाएगा तो, फिर बहस तो होगी ही। एक तरफ अयोध्या में करोड़ों रुपये दीपोत्सव कार्यक्रम में भले ही खर्च कर दिए जाएं लेकिन, उन 25 हज़ार होमगार्ड्स के लिए पेमेंट की व्यवस्था सरकार के बजट से बाहर होने वाली बात हो जा रही है। ऐसा इसलिए भी कहना पड़ रहा है कि क्योंकि इन 25 हज़ार होमगार्ड्स को नौकरी से निकालने के पीछे सरकार का अपर्याप्त बजट बताया जा रहा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

अभी ये बहस चल ही रही थी कि उत्तर प्रदेश के होमगार्ड्स के मंत्री और भारतीय पूर्व ओपनर चेतन चौहान ने बयान दे दिया है। चेतन चौहान ने अपने बयान में कहा,

अभी तक इस बारे में हमें औपचारिक तौर पर कोई लिखित प्रस्ताव या पत्र हमें नहीं मिला है। होमगार्ड का मानदेय बढ़ने की वजह से कुछ बड़ा बजट जरूर गड़बड़ हुआ है, लेकिन इसके लिए किसी होमगार्ड को निकाला नहीं जाएगा।

अब चेतन चौहान ने तो ये बात कह दिया कि किसी भी होमगार्ड की नौकरी नहीं जाएगी लेकिन, क्या यह सच में ऐसा होगा? ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक इस मामले में किसी भी बड़े अधिकारी का बयान नहीं आया है। ऐसे में अभी तो फिलहाल चेतन चौहान का बयान ही उन सभी होमगार्ड्स के लिए दिवाली का बोनस जैसा है, जो उनकी नौकरी को सुरक्षित बता रहे हैं।

आखिर ये मामला शुरु कहां से हुआ?

पहले एक होमगार्ड का रोजाना 500 रुपये के हिसाब से पेमेंट किया जाता था लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इनका डेली पेमेंट 672 रुपये कर दिया गया। इनका पेमेंट उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जवान की पेमेंट के बराबर कर दिया गया था। फर्क सिर्फ इतना था कि होमगार्ड को ड्यूटी के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं। अगर कोई होमगार्ड का जवान महीने के 25 दिन काम करता है तो, उसे 25 दिन का ही पैसा दिया जाएगा। खैर, पेमेंट बढ़ने के बाद इसका सीधा असर पुलिस बजट पर हुआ, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने होमगार्ड्स की सहायता लेने से इनकार कर दिया।

अगर आपको याद होगा तो, पिछले साल ही थानों मेंं पुलिस कर्मियों की कमी की वजह से होमगार्ड विभाग ने 25 हज़ार होमगार्ड्स को थाने से लेकर ट्रैफिक तक का काम संभालने के लिए तैनात किया था। अब सोमवार को एडीजी का एक आदेश आया है, जिसके मुताबिक उन्हीं 25 हज़ार होमगार्ड्स को निकाला गया है। एडीजी बीपी जोगदंड कुछ अलग ही गाना गा रहे थे। उनका कहना था कि

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। अक्सर ऐसा होता है। जब उनकी ज़रूरत पड़ती है तो होमगार्ड विभाग से उन्हें बुला लिया जाता है और जब ज़रूरत नहीं रहती है तो वापस भेज दिया जाता है। अक़्सर चुनावी ड्यूटी या फिर कुंभ इत्यादि जैसे मौक़ों पर बड़ी संख्या में ये जवान बुलाए जाते हैं।

जब एडीजी का ही कहना है कि होमगार्ड्स की नौकरी फिक्स नौकरी नहीं होती है तो फिर इस वक्त अगर उन तमाम लोगों की नौकरी जा रही है तो, इसमें सरकार के लिए कोई नई बात नहीं है। एडीजी तो ऐसा कह कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं लेकिन, इसके पीछे की असली तस्वीर कुछ और ही बयान कर रही है। दरअसल, जानकार बताते हैं कि जब सुप्रीम कोर्ट ने होमगार्ड्स की सैलरी बढ़ाने के लिए आदेश जारी किया था, उस वक्त राज्य सरकार का बजट आ चुका था। ऐसे में अब राज्य के लगभग एक लाख होमगार्ड्स को सैलरी देना सरकार के बजट से बाहर है। इसलिए ऐसे कदम उठाए गए हैं।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, फोटो सोर्स: गूगल
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, फोटो सोर्स: गूगल

योगी सरकार के आदेश के बाद इन जवानों को रोटी के भी लाले पड़ने वाले हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जिसके घर में केवल एक ही कमाने वाला है, उनका क्या होगा। जो व्यक्ति अपनी लाइफ का पूरा समय होमगार्ड की ड्यूटी में बिताता है, वह अब कौन सी नौकरी करने के लायक रहेगा। इस समय पूरे राज्य में 1 लाख 18 हज़ार होमगार्ड्स के लिए पद हैं। जिसमें पहले ही 19 हज़ार पदों की रिक्तियां हैं। ऐसे में अगर इन 25 हज़ार होमगार्ड्स की नौकरियां चली जाती हैं तो, इनके काम का भी भार बाकी जवानों पर आ जाएगा। एक और बात सरकार का यह फैसला उस वक्त आया है जब देश में मंदी के हालात हैं और साथ ही यह महीना भी पूरी तरह से त्योहारों से भरा हुआ है।

चेतन चौहान, फोटो सोर्स: गूगल
चेतन चौहान, फोटो सोर्स: गूगल

फिलहाल की स्थिति को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि अब उन सभी 25 हज़ार जवानों की नौकरियों की आखिरी उम्मीद चेतन चौहान ही हैं। ये इकलौते ऐसे मंत्री हैं जिन्होंने कहा है कि तमाम होमगार्ड्स की नौकरी नहीं जाने वाली है। चेतन ने इसके लिए उपाय भी बताया है। चेतन चौहान ने कहा है कि सरकार यूपी पुलिस के सीमित बजट में 17,000 होमगार्ड्स को ड्यूटी पर रख सकती है। बाकी 8,000 होमगार्ड्स को मुख्यालय से ड्यूटी मिलेगी।

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