भारतीय टीम में इस वक्त अगर टेस्ट मैचों में किसी का खराब दौर चल रहा है तो वो है भारतीय टॉप ऑर्डर का। एक समय था भारतीय टीम द्वारा बनाया गया लगभग 65% रन टॉप के तीन बल्लेबाजों के बल्ले से आता था लेकिन, अभी स्थिति ये है कि भारत का टॉप ऑर्डर पूरी तरह से फेल है। वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए टेस्ट सीरीज में यह साफ तौर पर देखा गया कि किस तरह से भारतीय बल्लेबाजों ने बल्लेबाजी की। सलामी बल्लेबाजों के एल राहुल  और मयंक अग्रवाल का प्रदर्शन पर खूब सवाल भी खड़े हो रहे हैं। इन सब के बीच अगर किसी खिलाड़ी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा किया जा रहा है तो वो खिलाड़ी है के एल राहुल।

वेस्टइंडीज के खिलाफ खत्म हुए दोनों टेस्ट मैच में के एल राहुल पूरी तरह से फेल रहे। उन्होंने दो टेस्ट मैचों के चार पारियों में कुल 101 रन ही बनाए थे। 44,38 13 और 6 ये उनके चार पारियों का लेखा जोखा है। हालत केवल यही नहीं है। ओवल टेस्ट, जोकि सितंबर 2018 में हुआ था, उसमें राहुल ने शतक लगाया था लेकिन उसके बाद राहुल ने टोटल 11 टेस्ट पारियां खेली है और उसमें शतक तो दूर एक भी अर्धशतक तक नहीं है।

के एल राहुल, फोटो सोर्स: गूगल
के एल राहुल, फोटो सोर्स: गूगल

ऐसे में सवाल ये भी उठ रहे हैं कि जब भारत में इतने अच्छे और बेहतरीन सलामी बल्लेबाज हैं तो फिर राहुल को लेकर इतना एक्सपेरिमेंट क्यों किया जा रहा है। इसमें कोई शक नहीं है कि राहुल के पास  अनुभव की कोई कमी नहीं है लेकिन, अनुभव के आधार पर किसी को बार-बार मौका देना कही से भी सही नहीं है और वो भी उस वक्त जब भारत के पास रोहित शर्मा, पृथ्वी शॉ और शिखर धवन जैसे बल्लेबाज टीम से बाहर इंतजार कर रहे हैं।

भारत का अगला टेस्ट मैच अब दक्षिण अफ्रीका के साथ होना है ऐसे में राहुल को लेकर अभी से ही चर्चाएं शुरु हो गई है। वी वी एस लक्ष्मण ने भी राहुल को लेकर बयान दिया है। लक्ष्मण का कहना है कि जिस तरह से उन्हें मौका दिया जा रहा है और उनका प्रदर्शन हो रहा है वह कही से भी तारीफ के लायक नहीं है। टीम इंडीया को उनसे कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। अब उन्होंने जितनी मैच खेली है उसके हिसाब से उन्हें नया खिलाड़ी बिल्कुल भी नहीं कहा जा सकता है।

वी वी एस लक्ष्मण, फोटो सोर्स: गूगल
वी वी एस लक्ष्मण, फोटो सोर्स: गूगल

लक्ष्मण ने के एल राहुल के साथ-साथ ऋषभ पंत के प्रदर्शन पर चिंता जताई है। पंत को भी अब अपने प्रदर्शन पर ध्यान देने की ज़रुरत है। क्योंकि भविष्य में उन्हें विकेटों के पीछे ग्लव्स पहनकर अच्छे प्रदर्शन करने की उम्मीद सभी लगा कर बैठे हुए हैं।

राहुल को भी यह बात बिल्कुल साफ तौर पर समझ लेनी चाहिए कि जिस तरह से इस वक्त भारतीय टीम में कंपटिशन है, उसे देखते हुए तो यही लग रहा है कि अगर राहुल अपने प्रदर्शन पर ध्यान नहीं देते हैं तो वो दिन दूर नहीं जब राहुल टीम के साथ बेंच पर 12वें खिलाड़ी के रुप में नज़र आए।  

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