1878. वो वर्ष जब आविष्कार हुआ उस उपकरण का जिसने बड़ी सी दुनिया को छोटा कर दिया। जिसने संचार, संवाद, समय और दूरी को नए आयाम दे दिए। टेलीफोन।

आज के दिन यानि 14 जनवरी 1878 के दिन ही पहली बार सार्वजनिक तौर पर टेलीफोन से लंबी दूरी तक बात करते देखा गया जब अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने रानी विक्टोरिया के सामने इसका प्रदर्शन किया।

उस दिन के बारे में विस्तार से जानने से पहले हम टेलीफोन के बनने के बारे में और इतिहास के बारे में जान लेते हैं।

ग्राहम बेल की मां और पत्नी बहरी थीं और इसलिए शुरू से ग्राहम बेल की रुचि ध्वनि विज्ञान में थी। उन्हें यकीन था कि टेलीग्राफ तार के द्वारा ध्वनि तरंगे भेजी जा सकती हैं। बेल ने तारों को कई बार अनेक तरीकों से जोड़-जोड़ कर देखा मगर वो सफल नहीं हो पा रहे थे। फिर एक दिन जब वो अपनी प्रयोशाला में बैठ कर तारों के साथ परीक्षण कर ही रहे थे कि तभी उनकी पैंट पर तेज़ाब गिर जाता है और वो दूसरे कमरे में बैठे उनके सहयोगी थॉमस वॉटसन को आवाज़ देते हैं। वॉटसन को आवाज़ अपने पास रखे यंत्र में सुनाई देती है और दुनिया को मिलता है पहला टेलीफोन। टेलीफोन में सबसे पहले जो बात की गई वो थी

Mr. Watson come here, i want to see you.

बेल को 9 दिसंबर 1876 को अपने यूके पेटेंट से सम्मानित किया गया।

टेलीफोन के आविष्कार की बात लोगों में फैलने लगी मगर आम जनता ने टेलीफोन को न तो देखा था न ही उससे बात करते हुए सुना था। 1877 में ये बात फैल गई थी कि टेलीफोन से बात करने पर मीलों की दूरियां सिमट कर बहुत कम हो जाती हैं और ऐसा लगता है कि जिससे बात कर रहे हैं वो हमारे कमरे में ही है।

14 जनवरी 1878 को महारानी विक्टोरिया के लिए बेल ने पहली सार्वजनिक रूप से लंबी दूरी की कॉल का प्रदर्शन किया। ये कॉल आइज़ल ऑफ व्हाइट के ऑस्बॉर्न हाउस से लंदन के काउज़ और साउथहैंप्टन के बीच की गई थी। टेलीफोन के प्रदर्शन के बाद बेल को एक खत मिलता है जिसमें लिखा होता है कि

टेलीफोन की इस प्रदर्शनी में महारानी बहुत कृतज्ञ और आश्चर्यचकित थीं। महारानी ने निवेदन करवाया है कि अगर कोई परेशानी न हो तो क्या वो इन दो उपकरणों, जो अभी यहां हैं, उनको खरीद सकती हैं।

महारानी इस शानदार उपकरण को खरीदने के लिए जितनी उत्सुक थीं उनका डाकघर उतना ही कम रुचि दिखा रहा था। जब बेल ने ब्रिटिश टेलीग्राफ सिस्टम के हिस्से के रूप में टेलीफोन को विकसित करने के लिए कंपनी के अधिकारों की पेशकश की तो डाकघर ने मना कर दिया।

इसके बाद ब्रिटेन में बेल की टीम ने टेलीफोन कंपनी लिमिटेड की स्थापना की जो आज AT&T के नाम से जानी जाती है।

1880 में यूके में पहली फोन बुक जारी की गई जिसमें 3 एक्सचेंजों और 250 शुरुआती ग्राहकों का विवरण था। शुरुआती कुछ वर्षों में केवल कंपनी के ग्राहक ही टेलीफोन इस्तेमाल कर सकते थे बाद में जब पोस्टमास्टर जनरल ने टेलीफोन बॉक्स बनाने की अनुमति दी तो टेलीफोन आम जनता तक भी पहुंच गया।

आज टेलीफोन विकसित होते हुए मोबाइल फोन तक का सफर करते हुए आपके हाथों में है और आप एक क्लिक पर अनंत जानकारी ले सकते हैं और इसी जानकारी के अन्तर्गत आप टेलीफोन के इतिहास की एक रोचक कहानी भी जान चुके हैं।