राजस्थान का चूरु जिला और इस जिले के राजगढ़ थाना उस वक्त काफी चर्चा में आया जब यहां के SHO जिनका नाम  विष्णुदत्त विश्नोई था, ने आत्महत्या कर ली।  इस आत्महत्या के पीछे कई अटकलें लगनी शुरु हुई लेकिन, तभी सुसाइट नोट मिला जिसमें साफ शब्दों में विष्णूदत्त विश्नोई ने लिखा था,

आदरणीय एसपी मैम, माफ करना प्लीज। मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। मैंने अंतिम सांस तक मेरा सर्वोत्तम देने का प्रयास किया। निवेदन है कि किसी को परेशान न किया जाए। मैं बुजदिल नहीं था। बस तनाव नहीं झेल पाया। मेरा गुनाहगार मैं स्वयं हूं।

पहले ये जान लीजिए कि आखिर ये कब और कैसे हुआ। दरअसल, शुक्रवार को इलाके में हुई एक हत्या के बारे में देर रात तक जांच कर रहे थे। फिर जांच खत्म होने के बाद वे अपने सरकारी क्वाटर पर पहुंचे। जहां उन्होंने आत्महत्या कर लिया। आत्महत्या करने से पहले ही उन्होंने दो सुसाइट नोट लिखा था। एक में उन्होंने एसपी के नाम और दूसरे में अपने मां-बाप को लेकर। लेकिन इस मौत के बाद एक वाट्सएप्प चैट काफी तेजी से वायरल होना शुरु हुआ।

तेजी से वायरल हो रहे वाट्सएप्प चैट जिसमें लिखा था कि विष्णु दत्त शर्मा दबाव में है और वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेना चाहते हैं। सोशल एक्टिविस्ट का आरोप है कि विष्णुदत्त शर्मा ने दबाव में आकर आत्महत्या की है, जिसकी जांच की जानी चाहिए। घटना के बाद में राजगढ थाने के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी जमा हो गई, जिन्होंने मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की।

मामले की गंभीरता को समझते हुए राज्य सरकार ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को दी गई है। क्राइम ब्रांच की ओर से एसपी विकास शर्मा जांच के लिए जयपुर से रवाना हो गए हैं। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही मामले की स्थिति साफ हो पाएगी। क्राइम ब्रांच एडीजी बीएल सोनी मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। लेकिन, इस बीच पक्ष और विपक्ष यानि राज्य सरकार भी एक-दूसरे के ऊपर भीड़ गई हैं। इसका कारण विष्णुदत्त शर्मा की हत्या तो है ही लेकिन, साथ ही 24 तारीख को उस थाने के सभी पुलिसकर्मियों ने एक साथ ट्रांसफर के लिए लेटर लिखा है।

थाने के स्टाफ ने स्थानीय कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया और उनके समर्थकों पर झूठी शिकायतें करने का आरोप लगाया। 39 पुलिसकर्मियों ने इसके लिए राज्य सरकार को पत्र लिखकर अपने ट्रांसफर की मांग की है। एक तरफ पुलिसकर्मियों द्वारा पुनिया पर आरोप लगा तो दूसरी तरफ बीजेपी नेता भी इस मौके का फायदा उठाने में लग गए। बीजेपी नेता और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीधे कृष्णा पूनिया को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूनिया ने थानाधिकारी विश्नोई पर दबाव डाला था। राठौड़ ने मामले में पूनिया की भूमिका को लेकर जांच की मांग की।

जब मामला बिगड़ने लगा पुनिया ने एक ट्वीट कर वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने इस मामले की स्वतंत्र रुप से जांच करने की मांग की और साथ ही ये भी कहा कि अगर कोई दोषी हो तो, उसे सज़ा जरुर मिलनी चाहिए।

ट्वीट देखिए,

फिलहाल इस केस में अब देखने वाली बात होगी कि आखिर सीबीआई अपनी जांच में किन नतीजों पर पहुंचने वाली है। राज्य सरकार इस मामले को काफी गंभीरता से लेकर जांच कर निष्पक्ष नतीजों का अश्वासन दे रही है।