भारत के स्पिनर्स में अगर अनिल कुंबले के बाद कोई सबसे सफल स्पिनर्स बना तो वो हरभजन सिंह हैं। हरभजन सिंह का जन्म 3 जुलाई 1980 को जालंधर के एक सिख परिवार में हुआ था। वह पांच बहनों के बीच एकलौते भाई हैं। हरभजन की शादी बॉलीवुड एक्ट्रेस गीता बसरा से हुई है। भारतीय फैंस इन्हें प्यार से भज्जी और द टर्बनेटर भी कहते हैं। हरभजन का क्रिकेट करियर काफी शानदार रहा है। 2002 में अनिल कुंबले के घायल होने पर कप्तान सौरभ गांगुली ने उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम में शामिल किया गया। इस सीरीज के बाद भज्जी का करियर ही बदल गया।

हरभजन और उनकी पत्नि गीता बसरा, फोटो सोर्स: गूगल

हरभजन और उनकी पत्नि गीता बसरा, फोटो सोर्स: गूगल

हरभजन सिंह का करियर जितना सफल रहा है उससे कहीं ज्यादा विवादों में रहा है। हरभजन के साथ ऐसा नहीं है कि विवाद करियर के शुरुआती दौर में नहीं था, जब हरभजन क्रिकेट ग्राउंड में नए थे तो उस वक्त उनका बॉलिंग एक्शन विवादों में रहा लेकिन जब इसे आईसीसी की तरफ से हरी झंडी मिली तो फिर हरभजन ने अपनी फिरकी के जादू से सभी बल्लेबाजों को हैरान किया। हरभजन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैट्रिक विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज थे। इसके बाद ‘दूसरा बाल’ एक्शन का इस्तेमाल करने वाले विश्व के पहले गेंदबाज बने। हरभजन को 2009 में पद्मश्री ऑवार्ड भी मिला।

एक विवाद ने बदल दिया करियर

6 जनवरी साल 2008, सिडनी का मैदान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच टेस्ट सीरीज चल रहा था। सीरीज का यह दूसरा मैच नहीं बल्कि कई महान खिलाड़ियों के करियर की एक काली रात थी। इस दिन जो हुआ वो विश्व जगत के सबसे बड़े विवाद के रुप में जाना गया। इस विवाद ने कई खिलाड़ियों को घसीटा जिसमें सचिन, रिकी पोंटिंग जैसे खिलाड़ी भी इससे अछूते नहीं रहे। सिडनी में टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच खेला जाना था। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग ने टॉस जीता और पहले बैटिंग करने का फैसला किया लेकिन ऑस्ट्रेलिया अपने दोनों सलामी बल्लेबाज 24 रन के भीतर ही खो दिये। इसके बाद माइकल हसी और पोंटिंग ने मिल कर टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। लेकिन पोंटिंग के आउट होने के बाद आये सायमंड्स ने शतक जड़ कर ऑस्ट्रेलिया की पारी को 463 रनों तक पहुंचा दिया।

मंकीगेट कांड की तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

मंकी कांड की तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

पहली पारी बने इस विशाल स्कोर का पीछा भारत ने भी जबरदस्त तरीके से किया। भारत की पारी में सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण ने जहां शतक लगाए तो द्रविड़, गांगुली और हरभजन ने अर्द्ध शतक ठोंके। लेकिन मैच के तीसरे दिन मैदान पर जो कुछ भी घटा उसका असर पूरी सीरीज में पड़ा। यह पूरा मामला हरभजन के अर्द्ध शतक के बाद शुरु हुआ। सचिन के साथ जब हरभजन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब हरभजन ने सचिन से कई बार कहा कि सायमंड्स मुझे बार-बार उकसा रहा है। जिस पर सचिन ने कहा कि इन सब बातों पर ध्यान मत दो और बल्लेबाजी में ध्यान लगाओ।

इसके बाद हरभजन ने एक शॉट खेला और गेंदबाजी कर रहे ब्रेटली के पीठ हल्के से थपथपाई। यह देखकर सायमंड्स को गुस्सा आ गया। इस बीच दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मैच में अंपायरिंग कर रहे मार्क बेंसन को हरभजन से बातचीत करनी पड़ी। जब अंपायर हरभजन से बात कर रहे थे तब पूरी ऑस्ट्रेलियाई प्लेयर अंपायर को घेर कर खड़े हो गए और हरभजन को अंजाम भुगतने की धमकी देने लगे। हरभजन इसके बाद 63 रन पर आउट भी हो गए।

सिडनी में शतक लगाने के बाद सायमंड्स, फोटो सोर्स: गूगल

सिडनी में शतक लगाने के बाद सायमंड्स, फोटो सोर्स: गूगल

हरभजन के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने आरोप लगाया कि हरभजन ने सायमंड्स को मंकी (बंदर) बोला है।  हरभजन पर रंगभेदी टिप्पणी का आरोप लगा। एक और चीज भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड ने अक्टूबर 2007 में तय किया था कि किसी भी तरह के रंगभेदी मामले में दोनों टीमों के कप्तान पहले मैच रेफरी को रिपोर्ट करेंगे। अगर ये बात कुंबले के सामने पोंटिंग रखते तो शायद यह मामला आगे नहीं बढ़ता। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।

इस मामले की सुनवाई पहले चौथे दिन के लिए रखा गया लेकिन फिर इसे टाल कर पांचवें दिन के लिए कर दिया गया। ऐसा लग रहा था कि मैच के पांचवें दिन सबकुछ भारत के खिलाफ ही हो रहा था। अंपायर ने कई सारे गलत आउट दिए। सौरभ गांगुली, राहुल द्रविड़ और एमएस धोनी को अंपायर के गलत फैसले का शिकार होना पड़ा। द्रविड़ को अंपायर स्टीव बकनर ने कैच आउट दिया लेकिन गेंद बल्ले से लगी ही नहीं थी। विकेट से बिल्कुल सट के खड़े हुए एडम गिलक्रिस्ट को ये बात पता थी लेकिन बावजूद इसके उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा। खराब अंपायरिंग का नतीजा हुआ कि भारत ये मैच हार गया।

आईपीएल के दौारान जब हरभजन ने श्रीसंत को मारा था थप्पड़, फोटो सोर्स: गूगल

आईपीएल के दौारान जब हरभजन ने श्रीसंत को मारा था थप्पड़, फोटो सोर्स: गूगल

लेकिन मैच खत्म होने के बाद असली खेल शुरु हुआ। मैच के बाद टीम को मंकी गेट की सुनवाई के लिए स्टेडियम के अंदर ही ठहरने के लिए बोला गया। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को जीत की बधाई दी। लेकिन इसके बावजूद सुनवाई का तरीका बिल्कुल गलत था। दोनों टीमों की अलग-अलग सुनवाई हुई। सचिन इस मामले के मुख्य गवाह थे लेकिन इसके बावजूद उनसे कुछ नहीं पूछा गया। मामले में भज्जी के आलावा चेतन चौहान, मैनेजर एमवी श्रीधर मीडिया मैनेजर और कप्तान अनिल कुंबले से पूछताछ की गई। टीम को आधी रात तक रोक कर रखा गया। जब सभी का बयान ले लिया गया तब टीम को रात के दो बजे के बाद होटल जाने की अनुमति दी गई।

इसके बाद खबर आई की हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया गया है। उस वक्त भारतीय टीम को लगा कि उनके साथ सुनवाई के नाम पर मजाक किया गया है। ऐसे में पूरी टीम इस फैसले के खिलाफ खड़े होने का फैसला किया। बीसीसीआई के सामने यह बात रखी गई। कप्तान अनिल कुंबले और सचिन तेंदुलकर इस मामले में आगे आए और उन्होंने यह फैसला किया कि अगर हरभजन पर यह प्रतिबंध नहीं हटता है तो टीम का कोई भी खिलाड़ी मैच नहीं खेलेगा इस तरह प्रथम श्रेणी मैच खेलने के लिए कोई भी खिलाड़ी नहीं गया।

आईपीएल के दौरान हरभजन और साइमंड्स, फोटो सोर्स: गूगल

आईपीएल के दौरान हरभजन और साइमंड्स, फोटो सोर्स: गूगल

टीम बखूबी जानती थी कि अगर भारतीय टीम सीरीज में बाकी मैच नहीं खेलती है और दौरा रद्द हुआ तो आईसीसी पूरी टीम को बैन कर सकती है लेकिन टीम ने पूरी बात वकील वीआर मनोहर को बताया। टेस्ट सीरीज खत्म हो चुकी थी लेकिन मामले की सुनवाई अभी बाकी थी। ‘मंकी गेट प्रकरण’ में जस्टिस जॉन हेनसन ने 28 जनवरी को सभी पक्षों की सुनवाई की। मामले में सचिन तेंदुलकर से भी पूछताछ हुई। सचिन ने जो कुछ भी सुना था वह उन्हें बताया और इस बात पर भी आपत्ति जताई कि मैच रैफरी माइक प्रॉक्टर ने टीम को झूठा बताया।

प्रॉक्टर ने अपने फैसले में कहा था कि उनका मानना है कि एक पक्ष झूठ बोल रहा है और इसके बाद उन्होंने भज्जी पर तीन टेस्ट मैचों का प्रतिबंध लगाया था। इससे साबित होता है कि उनकी राय में कौन सा पक्ष झूठ बोल रहा था। सीरीज भारत भले ही हार गया लेकिन भारतीय टीम की इस विवाद में जीत हुई। इस मामले में छुटकारा पाना हरभजन के लिए एक नई पारी की शुरुआत करने से कम नहीं था।

आईपीएल के दौरान हरभजन ने साइमंड्स से माफी मांग कर इस विवाद को खत्म कर दिया। लेकिन यही वो आईपीएल है जिसमें हरभजन ने एक और नए विवाद खड़े किए थे। मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच होने वाले मैच के दौरान श्रीसंथ को थप्पड़ मार कर विवाद खड़ा कर दिए थे। इस घटना के बाद दोनों ने आजतक एक-दूसरे से बात भी नहीं की है।