क्रिकेट के इतिहास में हमने जाने कितने ही रिकाॅर्ड देखे हैं। सचिन का 100वां शतक देखा, सहवाग की ट्रिपल सेंचुरी देखी, रोहित शर्मा की तीन डबल सेंचुरी देखी और इरफान पठान की हैट्रिक भी देखी। लेकिन वो रिकाॅर्ड जो उस दिन के बाद फिर कभी नहीं हुआ। वो रिकाॅर्ड है टेस्ट क्रिकेट की एक पारी के सभी विकेट एक ही गेंदबाज ने ले डाले। वो रिकाॅर्ड आज ही बना था और उस रिकाॅर्ड को अपने नाम किया था अनिल कुंबले ने।

Related imageये बात सभी जानते हैं लेकिन ये बात कम ही लोग जानते हैं कि उन दस विकेट लेने में दो लोगों की बड़ी भूमिका थी। एक भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और दूसरे उस मैच के अंपायर जयप्रकाश। अब कैसे इन दोनों का योगदान 10 विकेट में है हम बताते हैं।

पहले विकेटों की बात

साल 1999 में पाकिस्तान भारत दौरे पर थी। भारत उस मैच से पहले चेन्नई टेस्ट हार चुकी थी। दो मैचों की सीरीज में भारत के लिये ये मैच जीतना बहुत जरूरी हो गया था। पहले पारी में भारत ने बल्लेबाजी करते हुये 252 रन बनाए। पाकिस्तान को भारत ने पहली पारी में 172 रनों पर ऑल-आउट कर दिया। भारत ने दूसरी पारी में बनाये 339 रन। अब पाकिस्तान के सामने 420 रनों का लक्ष्य था।

Image result for kumble 10 wickets sachinटेस्ट मैच में 420 रनों जैसे बड़े लक्ष्य आमतौर पर बनते नहीं हैं। लेकिन पाकिस्तान ने जैसी शुरूआत की। उससे लगने लगा कि कुछ भी हो सकता है। सईद अनवर और शाहिद अफरीदी ने बेहतरीन शतकीय साझेदारी की। लेकिन जैसे ही पहला विकेट गिरा उसके बाद हर विकेट पर अनिल कुंबले का नाम लिख गया और वो रिकाॅर्ड बन गया।

अनिल कुंबले के एक पारी में 10 विकेट लेने का रिकाॅर्ड उनसे पहले सिर्फ एक खिलाड़ी ने बनाया था, जिम लेकर। जिम लेकर ने अनिल कुंबले से भी बड़ी उपलब्धि पाई थी। उन्होंने पूरे मैच में 19 विकेट लिये। लेकिन उस दिन के बाद फिर कभी वो कारनामा नहीं हुआ।

अंपायर का फैसला

अनिल कुंबले के सभी दस विकेटों के फैसले अंपायर जयप्रकाश ने दिये। जब अनिल कुंबले विकेट लेते उस समस अंपायर जयप्रकाश ही होते। उनके कुछ फैसले पर बाद में विवाद भी हुआ। लेकिन जयप्रकाश उस मैच के बारे में बताते हैं कि अनिल कुंबले के उन 10 विकेटों में मेरा भी योगदान है और मेरे फैसलों का भी।

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यही हैं वो अंपायर।

सचिन तेंदुलकर कैसे?

जब पाकिस्तान अच्छा खेल रही थी। उनका कोई विकेट नहीं गिरा था। तब विकेट गिरने से कुछ ओवर पहले जब कुंबले ओवर करने आये तो सचिन तेंदुलकर ने बॉलिंग एंड से उनका स्वेटर लिया और अंपायर को दिया। ऐसा वे हर ओवर के वक्त करते। जिससे अनिल कुंबले को थकान न हो और वे रिलैक्स रहे। कुछ ओवरों के बाद पाकिस्तान का पहला विकेट गिरा।

सचिन तेंदुलकर और अनिल कुंबले, फोटो सोर्स: गूगल

सचिन तेंदुलकर और अनिल कुंबले, फोटो सोर्स: गूगल

उसके बाद तो पूरे मैच में सचिन ने यही काम दोहराया। एक प्रकार से वो सचिन के दिमाग में बैठ गया था कि ऐसे करते रहने पर विकेट मिल रहे हैं। जो इंडिया के लिये खराब तो बिल्कुल भी नहीं था। मैच खत्म होने के बाद कुंबले ने प्रेस कान्फ्रेंस की। प्रेस कान्फ्रेंस में अनिल कुंबले ने बताया भी कि मैंने सचिन से कहा था, ऐसा क्यों कर रहे हो?

तब सचिन ने कहा था, जंबो ठीक है। ऐसा ही चलते रहने दो। तुमको विकेट मिल रहे हैं, तुम विकेट लो। मैं पूरे मैच में यही करता रहूंगा। सचिन ने पूरे मैच में यही किया और भारत मैच जीत गया। तो ऐसे सचिन का हाथ उन 10 विकेटों में था।