देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) हैं। अहिंसा का उपदेश देते हुए देश को आजाद कराने वाले शख्स। अब उन्हीं महात्मा गांधी को भारत रत्न देने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में मांग की गयी थी कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को ये निर्देश दे कि महात्मा गांधी को भारत रत्न दिया जाये। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बोबडे ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि महात्मा गांधी इस देश के राष्ट्रपिता हैं। उनका सम्मान किया जाना जरूरी है लेकिन, लोगों के मन में वे भारत रत्न से कहीं ज्यादा ऊपर हैं। उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी को किसी आधिकारिक पहचान की जरूरत नहीं है।

पहले भी उठ चुकी है महात्मा गांधी को भारत रत्न देने की मांग

महात्मा गांधी को भारत रत्न देने की ये मांग कोई नयी नहीं है। इससे पहले साल 2012 में कर्नाटक हाईकोर्ट में भी महात्मा गांधी को भारत रत्न देने की याचिका दायर की गयी थी। तब कोर्ट से ये मांग की गयी थी कि वो गृह मंत्रालय को ये निर्देश दे कि महात्मा गांधी को भारत रत्न देने के मामले पर मंत्रालय विचार करे।

याचिकाकर्ता के वकील ने 2014 में कोर्ट को बताया था कि गृह मंत्रालय से आरटीआई के जरिए जो जानकारी मिली उसके मुताबिक, गांधी जी को भारत रत्न देने के लिए पहले भी कई बार अपील हुई। इन मांगों को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भी भेजा गया था।

महात्मा गांधी। फोटो सोर्स: गूगल

महात्मा गांधी। (Mahatma Gandhi) फोटो सोर्स: गूगल

तब याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि सरकार ने महात्मा गांधी को भारत रत्न देने की मांग पर कोई फैसला नहीं लिया है। तब हाईकोर्ट ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि शायद सरकार सचिन तेंदुलकर और महात्मा गांधी को एक बराबर में नहीं खड़ा करना चाहती होगी। कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से मना कर दिया था।

आपको बता दें कि गांधी को भारत रत्‍न देने की मांग को लेकर कई बार पीआईएल दाखिल की जा चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हर बार यही कहकर खारिज किया कि गांधी को भारत रत्‍न देना उनके योगदान को कम करके आंकना होगा।

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