भारत डिजिटल इंडिया बन गया है। राजनीति पूरी तरह से सोशल मीडिया पर आ गई है। सोशल मीडिया एक ऐसा प्लैटफ़ॉर्म है जहां कोई बात इतनी तेज़ी से फैलती है मानो किसी ने ढ़लान पर पानी खुला छोड़ दिया हो। साथ ही सोशल मीडिया पर लोगों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने की जो आज़ादी मिलती है। वो कई बार लोगों से बिना कुछ भी सोचे समझे ऊल-जलूल हरकतें भी करवा डालती है।

सोशल मीडिया पर ऑनलाइन जाने वाला कंटैंट कैसा होना चाहिए, वो कितने लोगों तक पहुँच रहा है और उसका क्या असर होना चाहिए, आम आदमी जब सोशल मीडिया पर कुछ डालता है तो शायद ही इतना सोचता हो। सोच के करना भी क्या है? लोग अपने और अपने जाननेवालों के लिए कुछ भी डालें।

लेकिन जब बात असली मीडिया की आए तब इन बातों का ध्यान रखना लाज़मी हो जाता है। खास तौर से जब मेनस्ट्रीम मीडिया का एडिटर-इन-चीफ़ देश से जुड़ी बात को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लिखे।

 

सुधीर चौधरी, ज़ी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ़ हैं, जो पत्रकार कम भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता ज़्यादा लगते हैं। ऐसा कहने की वजह है कि आप सुधीर चौधरी का प्रोग्राम देख सकते हैं। पिछले कई सालों से उनको पत्रकार की तरह सरकार से सवाल करते हुए तो नहीं देखा गया लेकिन, हमेशा एक पार्टी (बीजेपी) के तारीफों के पुल बांधते हुए जरुर नज़र आ जाते हैं। चाहे वो प्रधानमंत्री का इंटरव्यू हो, 2000 के नोट में चिप की बात हो या फिर आज निर्मला सीतारमन द्वारा पेश किए जाने वाले बजट की बात हो।

अब एक तो आजकल देश में हर मुद्दे को धर्म और हिन्दुत्व से जोड़ने का फ़ैशन हो गया है। कभी अमित शाह को चाणक्य बता दिया जाता है और अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को लक्ष्मी माता बना कर सोशल मीडिया पर लॉन्च कर दिया गया है।

वित्त मंत्री का चेहरा देवी लक्ष्मी के चेहरे पर और सुधीर चौधरी, फोटो सोर्स:गूगल

दरअसल 5 जुलाई यानि आज भारत की पहली महिला फ़ाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन ने बजट पेश किया। अब इस बात को लेकर ज़ी न्यूज़ के एंकर और एडिटर-इन-चीफ़ सुधीर चौधरी बजट को ले कर कुछ ज़्यादा ही एकसाइटेड हो गए। उन्होंने ट्वीटर पर निर्मला सीताराम को बजट की देवी बना कर लक्ष्मी का रूप दे दिया और एक विडियो पोस्ट कर दिया।

अब इस विडियो को लेकर सुधीर चौधरी को खूब ट्रोल किया जा रहा है। लोग सुधीर और ज़ी न्यूज़ के बहिष्कार की भी बाते कर रहे हैं। करेंगे ही। एक तो लक्ष्मी जी के 4 हाथ होते हैं, यहाँ उनके 8 हाथ बना दिये हैं। सुधीर चौधरी को तो ये बात बखूबी पता होनी चाहिए कि मौजूदा सरकार धर्म और देवी देवताओं को लेकर कितनी संवेदनशील है। अब ऐसे में एक हिन्दू देवी के साथ इस तरह का मज़ाक तो निंदनीय है।

वैसे तो लोगों ने उस पोस्ट पर सुधीर चौधरी को जम कर सुनाया। कुछ ट्वीट हैं जो यहाँ शेयर किए जा रहे हैं, आप देख सकते हैं।

 

 

अब ज़रा देखते हैं ये कितना सही है। किसी भी व्यक्ति एवं पार्टी को लेकर आपके मन में चाहे कैसी भी भावनाएं हो, वो हमारा और आपका व्यक्तिगत मामला होता है। हो सकता है आप किसी व्यक्ति विशेष को भगवान मानते हों और इसमें कुछ गलत भी नहीं है लेकिन, ये आपको इस बात का हक़ बिल्कुल नहीं देता कि आप किसी पब्लिक फ़िगर का चेहरा किसी देवी के चेहरे पर लगा कर उसे सोशल मीडिया पर डाल दें और फिर लोगों को वो विडियो दिखा कर बजट की जानकारी पाने के लिए आमंत्रित करें।

इससे लोगों आस्था को ठेस पहुँच सकती है और ये किसी धार्मिक भावना के लिए भी असम्मानजनक है। शायद सुधीर चौधरी भावनाओं में कुछ ज़्यादा ही बह गए। इस विडियो की वजह से निर्मला सीतारमन का भी मज़ाक बन रहा है। देश की वित्त मंत्री की गरिमा का भी खयाल रखा जाना चाहिए। भावनाओं के साथ-साथ यहां पर मीडिया के रोल पर भी सवाल उठाना बनता है। कहा जाता है कि आप किसी एक्टर के या फिर किसी खिलाड़ी के फैन बन सकते हैं। लेकिन जब आप किसी नेता के फैन बनते हैं तो उसी समय से आप अपने साथ-साथ देश के भविष्य को भी अंधेरे में ढ़केलना शुरु कर देते हैं। मीडिया का काम होता है कि वो निष्पक्ष हो। नेताओं के किए काम या वायदें का पूरी तरिके से आकलन करे, ना कि अंधभक्ति में किसी नेता को भगवान बनाकर जनता के सामने पेश करे। शायद ज़ी न्यूज़ और सुधीर चौधरी इस बात को भूल चुके हैं।